उसे वैभव नही वैराग्य चाहिए उसे मंहगा चढा़वा नही बस राख चाहिए उसे अमृत पान नही विष पान चाहिए और मुझे तो बस महादेव का साथ चाहिए।
अन्य रचनाएंये स्मृतियां सुःखद"ये स्मृतियां " ये स्मृतियां सुःखद या दुःखद! जमीं होती परत दर परत! मन की भित्तियों पर । जैसे सेल्फ पर लगी किताबे...
अन्य रचनाएंसोनाली के हाथ से चाय का कप छूट गया और फर्श पर पड़ते ही टूट गया | क्या हुआ सोनाली तेरी तबीयत तो ठीक है ना ! हां मां सब ठीक है ये बोल ...
अन्य रचनाएंआज कितना बदल गया इंसान। पैसे के खातिर देखो है परेशान। बेच रहाहै मानव अंगों को इंसान। डर नहीं लगता देख रहा भगवान। मानव अंगो...
अन्य रचनाएंवो ज़माने लद गए, जब मानवता ज़िन्दा थी। अब जीते जी इंसान, किसी काम का नहीं।। बैठें हैं कई आदमख़ोर, तस्करी की कश्ती में। बेच खाते है अंगो...
अन्य रचनाएंएक विशेष प्रकार की आवाज सुनकर राजन की नींद खुल गई । आवाज ऐसी आ रही थी जैसे कोई सांप रेंग रहा है । उसने धीरे से अपनी आंखें खोली मगर उ...
अन्य रचनाएंएक विशेष प्रकार की आवाज सुनकर राजन की नींद खुल गई । आवाज ऐसी आ रही थी जैसे कोई सांप रेंग रहा है । उसने धीरे से अपनी आंखें खोली म...
अन्य रचनाएंमानवता की हद सारी यह पार करने लगा अरे अब तो यह अंगों का व्यापार करने लगा विद्या बुद्धि बल को शर्मसार करने लगा मानवहोके मानव का ...
अन्य रचनाएंभयानक अंधेरी रात में एक लड़की बेतहाशा भागे जा रही है , शायद किसी से डर कर भाग रही है । उसने घुटने तक साड़ी पहन रखी है और पैरों में प...
अन्य रचनाएंप्रभु ने मानव योनि में ये तन देकर उसमें भर दी है सांसें। सबकी नपी तुली हुई है गिन कर लिखी गई हैं यह सांसें। उससे ज्यादा नहींहै चलती किसी भी ...
अन्य रचनाएंजब दिल में प्रेम का अंकुर फूटता है तो यह जहां कितना मनोरम लगता है आसमान "जन्नत" जैसा दिखाई देता है "सागर" प्रे...
अन्य रचनाएंजब दिल में प्रेम का अंकुर फूटता है तो यह जहां कितना मनोरम लगता है आसमान "जन्नत" जैसा दिखाई देता है "सागर" ...
अन्य रचनाएंआज समाज भरा पड़ा है जगह जगह पिशाचों से नही सुरक्षित देश हमारा दरिंदो नर पिशाचों से !! नही कोई बहु बेटी सुरक्षित आज इस समाज में गिद्ध बन ...
अन्य रचनाएंमैं कवियत्री हूँ श्रृंगार सजाती हूँ 🌹🌹🌹🌹 सभी रस भाव छंद बंध लिखती हूँ प्रेम के सभी अनुबंध लिखती हूँ हाँ मैं कवियत्री हूँ श्रृंगार सजाती ...
अन्य रचनाएंआजादी को 75 साल पूरे होने वाले हैं। सरकार ने कई सपने बुने कुछ पूरे हुए,कुछ अधूरे और कई सपने तो सपने ही रह गए।आख़िर क्यो...
अन्य रचनाएं(लाइफ स्टोरी ऑफ अलख पांडे) पांडे अब इतना विश्वसनीय बन चुके थे कि कुछ ही समय में ऐप पर 2 लाख स्टूडेंट आ गए और एप क्रैश हो गई। असंख्य...
अन्य रचनाएंहे ! भारत के वीर जवान, तुझसे है जिंदा यह हिंदुस्तान पिता तेरा यह खुला आकाश, सरहद की भूमि तेरी मात समान। हे ! भारत के वीर जवान। तेरी ...
अन्य रचनाएंदेश की माटी इनका चंदन रक्त प्रवाह इनका नवयौवन रिपु की राह में स्थिर रहते अग्निवीर है यह कहलाते क्या कर लेगा अंधड़ इनका अटल रहे हर झं...
अन्य रचनाएंदेखो कैसी झेल रहीं हमारी बेटियाँ चारो तरफ है जुल्म। समाज के पिशाचों की बर्बरता औ बुरी नजर का जुल्म। जीवन जीना मुश्किल होगया रस्ता चलना हो गय...
अन्य रचनाएंइंसान के भेश में, हैं ये पिशाच। न करते दया किसी पर, न है करते विश्वास।। देखो ज़रा संभल जाओ, कही हो न तुम्हारे आस पास। पहचान नही सकते ...
अन्य रचनाएं(लाइफ स्टोरी ऑफ अलख पांडे) अमन की बातों को सुन वह व्यक्ति मुस्कुराने लगता है। वह समझ जाता है की ये लड़का अंदर ही अंदर टूट चुका है ,...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022