******* सुनो नहीं है अब मुझे जरूरत चांद तारों की ज़रूरत कहां है मुझे आसमां के सितारों की तुम चले आना बस मेरे दिल के आंगन में मेरे चांद बस ...
अन्य रचनाएंमें सबला हूं संस्कारी हूं वक्त पड़े चिंगारी हूं। **************************** मैं नारी हूं बेशक लेकिन जब वक्त पड़े चिंगारी हू...
अन्य रचनाएंजीवन की दरिया में डगमगाती, बल खाती इतराती एक कश्ती हौले हौले चल रही समंदर के लहरों संग माझी खेवनहार जिसे थमा कर पतवार उतारा गया था जीवन दर...
अन्य रचनाएंनज़र उठाते ही तुमको अपने करीब पाना। कितने तूफ़ान दिल में उठते हैं, कभी नहीं जाना। कभी खबर ही नहीं मुझको हो पाई इसकी। राह तकती रही उनकी और उन...
अन्य रचनाएंमेरी चाहत न तुम आजमाया करो। दर्मिया सिलसिला कुछ चलाया करो। क्या बताऊं मुहब्बत की दुश्वारियां। वक्त बे वक्त ना याद आया करो। क्या मुकद्दर से ...
अन्य रचनाएं****** 212 212 212 212 वक्त के साथ अब वो बदलने लगे फासले बेवजह हमसे करने लगे वो जो कहते थे हम है तुम्हारे सदा आज वादे से अपने मुकरने...
अन्य रचनाएंतुम्हारी यादें जो देती है मुझे जीने का हौसला। कुछ करने का जूनून,..... तुम्हारी यादों के समंदर में बहता मेरा सूकून वक़्त बे वक़्त तुम्हारी...
अन्य रचनाएंप्रभु की निर्मित धरा हिमालय,प्रभु का ये उपहार। हर्षित पुलकित मन हो जाता अद्भुत छंटा निहार। स्वर्णिम सूरज की किरणे चहुं ओर बेखेरे आभा। लगता ह...
अन्य रचनाएंवफ़ा का फ़लसफ़ा ऐसे निभाया है बहुत हमने। तुम्हारी याद में ख़ुद को रुलाया है बहुत हमने। *** हुए बरबाद हम रिश्ता सनम तुझसे निभाने में। तुम्हारी...
अन्य रचनाएं************* सच में ज़िन्दगी कुछ और नहीं एक मैदान है जंग का हालातों के रंग का। खूबसूरत सा किस्सा है सुख और दुःख का हिस्सा है अनुभव बेहि...
अन्य रचनाएंजब होते थे हमारे घरों के दरवाज़े , बहुत बड़े बड़े ... खुले हुए छत और खुला हुआ बड़ा सा आँगन याद है मुझे आज भी ... वो गौरैयों की मधुर ची ची क...
अन्य रचनाएंप्रेम एक ऐसा एहसास जो तप्त मरुस्थल पर मलय पवन के शीतल झोंके की भांति व्याकुल हृदय को उल्लास से भर जाता है। प्रेम वो बन्धन है जिसकी बेड़ियों...
अन्य रचनाएंआज क्यों हम दुखी हो रहें ? क्यों अश्कों की बहती धार। कुदरत की कहर देखकर हम क्यों हो रहे हैं अति बेहाल। अब तो हमको सोचना होगा के...
अन्य रचनाएंहे शारदे माँ --- हे शारदे माँ .... तेरा बालक हूँ नादाँ, संभालो मुझे माँ सुन्दर,सुवासित विमल मन दे माँ , संयम ,शील ह्रदय में ...
अन्य रचनाएं****** चले आते हो मेरी याद में रुलाने को। परेशा मत करो हबीब इस दीवाने को। थी आरज़ू उन्हें ज़ख्मे ज़िगर दिखाने को वो और रूठ ग...
अन्य रचनाएंन धन दौलत न शुहरत बोलती है। कहीं पर नेक नीयत बोलती हैं। जहां लगता कोई अपना सा रिश्ता। वहीं हिम्मत हक़ीक़त बोलती है। जुबां ...
अन्य रचनाएंसुबह औ शाम तेरा नाम लेगे। कि कैसे सब्र से अब काम लेंगे। तुम्ही कह दो भुलाएं किस तरह हम दीवानें कब भला आराम लेंगे। तुम्हारी या...
अन्य रचनाएं****** माँ को लिखेगा क्या ये ज़माना माँ का रूप है जाना पहचाना प्रभु को तूँ ढूंढे वन वन में है चारो धाम तेरे आंगन में कोख़ ...
अन्य रचनाएं******** मित्रता का मतलब ही है कि हम खुद से ज़्यादा उन्हें मानते हैं जिन्हे हम दिल से चाहते हैं, जिनसे ये रिश्ता बाँधा है यान...
अन्य रचनाएं**************************** बहुत कोशिश की लड़ने की विपरीत परिस्थितियों से। पर हिम्मत नहीं हारी कभी दर्द को बेशक झेला पर उफ्फ नह...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022