अक्सर मुझे भिगो के चली जातीं हैं, बारिश की बूंदों की तरह तुम्हारी यादें, हमें भी अच्छा लगता है, उसमे भीगना,भीग कर खुद को भूल जाना, त...
अन्य रचनाएंआज़ आप कहां हो, जमीं या आसमां में छुपे हो, या तारों में, या चांद में, सूरज की किरणों में या महकती फिज़ाओं में, कहां हो आप पता नहीं, ...
अन्य रचनाएंजिंदगी के कुछ पन्ने खुलने अभी बाकी है, उसके ऊपर सिर्फ हाथ फेरी है, वो भी बड़ी मासूमियत से पूछती है, फिर मिलोगे ना!!! ऐ मेरी प्यारी ज...
अन्य रचनाएंन जाने ज़िंदगी ने कौन से मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, मुस्कुराहट भी बड़ी मुश्किल से निकलती है, कोई भी आ के कुछ भी सुना कर चला जाता ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022