आजादी को 75 साल पूरे होने वाले हैं। सरकार ने कई सपने बुने कुछ पूरे हुए,कुछ अधूरे और कई सपने तो सपने ही रह गए।आख़िर क्यो...
अन्य रचनाएंहां चलना है तुझे इस भीड़ से अलग ख्वाहिश रख तेरी पहचान हो अलग ।। फिर क्यूं चले, तू इस भीड़ के साथ जब कोई नहीं है संग, अब तेरे साथ ।...
अन्य रचनाएंहां चलना है तुझे इस भीड़ से अलग ख्वाहिश रख तेरी पहचान हो अलग ।। फिर क्यूं चले, तू इस भीड़ के साथ जब कोई नहीं है संग, अब तेरे स...
अन्य रचनाएंछोटी सी आशा रखो जिंदगी में जो उदास न हो निराशा से तो सिर्फ़ दुख मिलता...
अन्य रचनाएंछोटी सी आशा रखो जिंदगी में जो उदास न हो निराशा से तो सिर्फ़ दुख मिलता...
अन्य रचनाएंचौदहवीं की चांद सी सुंदर पृथ्वी हमारी , संपूर्ण ब्रह्मांड में लगती है, कितनी प्यारी ।। नीलवर्ण समुद्र से ढकी हरे -भरे पेड़ों से आच्छ...
अन्य रचनाएंचौदहवीं की चांद सी सुंदर पृथ्वी हमारी , संपूर्ण ब्रह्मांड में लगती है, कितनी प्यारी ।। नीलवर्ण समुद्र से ढकी हरे -भरे पेड़ों से ...
अन्य रचनाएंजब मिलते हैं "दो दिल" खो जाते हैं एक दूजे में नजरों में होते इज़हार बातें होती इशारों में ।। प्यार का कर इज़हार कबूल करते...
अन्य रचनाएंजब मिलते हैं "दो दिल" खो जाते हैं एक दूजे में नजरों में होते इज़हार बातें होती इशारों में ।। प्यार का कर इज़हार कबूल ...
अन्य रचनाएंबीता हुआ वो कल याद बहुत है आते खट्टी-मीठी, अच्छे-बुरे वो यादें, हमे सताते ।। काश लौट जाऊं उस पल ,फिर से मैं मीठी यादों के संग ...
अन्य रचनाएंरक्तदान है महादान संकल्प आज लिजिए यदि समर्थ है शरीर से तो रक्तदान अवश्य कीजिए ।। रक्तदान है महादान करते जो ,यह नेक काम जान बचाते...
अन्य रचनाएंकरता है नादान इंसा ,क्यूं तू अभिमान फिर न सह पाता ,स्वयं का अपमान ।। समस्त जनों में, श्रेष्ठ स्वयं को समझता ओहदे,धन के सिवा उसे...
अन्य रचनाएंसारी दुनिया में अनोखा, भारतीय परिधान हम भारतीयों के संस्कृति की यही पहिचान ।। भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में ,अलग परिधान का पहनावा भ...
अन्य रचनाएंजब होती अपनों से विरह की बेला आंखे भी अपनी बोली कह जाता दूर जाने के ख्याल से बेबस मन चाहते हुये भी कुछ कह न पाता दिलासा देता ना...
अन्य रचनाएंइंसान को जब अपने अनजाने भूल का खेद हुआ अंतर्मन से क्षमा मांग उसका हृदय जो व्यथित हुआ न चाहता था दुख देना अहम में अपने चूर हु...
अन्य रचनाएंनवरात्रि के , नौ दिन है पावन लगा लिये मां ने ,सुंदर आसन ।। पूजा निशदिन होगी , मंदिर हो या घर लेकर मनौती आयेंगे , माता हम तेरे दर...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022