वो बन्द खिड़की मुझे आज भी कोसती है मेरी आत्मा को हर पल झिंझोडती है जहाँ से आती किसी की सिसकियाँ मेरे कानो को हर पल नोचती है। वो...
अन्य रचनाएंमाघ शुक्ल की तिथी पंचमी श्री पंचमी या बसंत पंचमी ज्ञान की देवी सुर की जननी प्रकटी जगत में हुई पीत अवनी अज्ञानता हरले, हे वीणा ...
अन्य रचनाएंजब आखिरी अदालत मे तेरा मुझसे सामना होगा मुझे यकीन है पूरा पलड़ा मेरा ही भारी होगा एक तरफ होगी मेरी मोहब्बत दुसरी ओर तुम्हारी जफा होगी एक तरफ...
अन्य रचनाएंसोया था मै अभी अभी तो लगी थी आँख अभी तो नींद की गहराइयों मे जाना मेरा बाकी था। किसी की सिसकियाँ ने मुझे नींद से जगा दिया। सहम कर...
अन्य रचनाएंये जर्जर वीरान हवेली खड़ी है जो हिम्मत हारे वो जो शहर चले गये उन्ही की राह निहारे है। जहाँ कभी शहनाईयों से गूंजती थी दरो दीवारे...
अन्य रचनाएंवो ह्रदय भी क्या ह्रदय है जिसमे स्वदेश प्रेम नही निर्भाव, पाषाण सा प्रतीत हो जिस ह्रदय मे देश प्रेम नही वो कलम भी क्या कलम है ज...
अन्य रचनाएंतुम मानो या ना मानो ये जो हमारा रिश्ता है इस जन्म का नही है ये रिश्ता है कई जन्मों का ये प्रेम हमारा साक्षी है,ये प्रेम आज का...
अन्य रचनाएंदेखो अस्त हो रहा सूर्य प्रिये अब तो दर्शन दे दो भोर से श्रिंगार किये खड़ी मै चौखट पर थक कर चूर हो रहा गात ये प्रिय अब तो दर्शन दे...
अन्य रचनाएंभारत मे हर उस स्त्री का होता है बलात्कार जिस पर अरेंज मैरीज के नाम पर होता आया है अत्यचार उस स्त्री की सौंप दिया जाता है एक ऐसे पुरुष के ह...
अन्य रचनाएंअखबार की सुर्खियों मे मेरा नाम चमक रहा था जिसे देखने को कब से मन तरस रहा था मेरी बड़ी सी तस्वीर के नीचे मेरा नाम दमक रहा था और मेरे नाम के सा...
अन्य रचनाएंमुझे नही पता सांता क्लास का ये मेरे संस्कारो मे नही बस इतना पता है मुझे 25 दिसम्बर को तुलसी दिवस है। यही मेरे संस्कार है,जो मुझे...
अन्य रचनाएंपृथ्वी पर निरंतर और तेजी से बढ़ते तापमान को वैश्विक तापमान कहा जाता है। इसके बढ़ने से ग्लेशियर पिघल रहे है जो मानव के साथ-साथ खुद ...
अन्य रचनाएंये तेरी कहानी ये मेरी कहानी अधूरी है अधूरी रहेगी कोई किनारा इसका नही कोई सहारा इसका नही बेअंत की ये कहानी अधूरी है अधूरी रहेगी एक प्यास त...
अन्य रचनाएंमेरे गाँव के पुश्तैनी घर के सामने खड़ा ये बूढ़ा बरगद साक्षी है मेरी कई पीढ़ियों के सुख और दुःख का मेरे घर का प्रहरी बन खड़ा ये ब...
अन्य रचनाएंप्रचंड वेग है सपनो का बहा ले जाता संग दिशा हीन सी बहती हूँ धुंधला सा जीवन का रंग अखण्ड प्रण है जीवन को दिशा एक दिखानी धुंधले से इस जीवन मे प...
अन्य रचनाएंवाह रे वाह, शिक्षा प्रणाली भारत की शिक्षा प्रणाली किताबों के बोझ ने जान बच्चों की ले ली स्लेबस की दरों दीवारों मे कैद हो गया ब...
अन्य रचनाएंभेजा राम ने एक गुप्तचर जाओ प्रजा के बीच जाओ देखो कैसी दशा प्रजा की हाल सुनाओ आकर मुझको गया गुप्तचर भेस बदल नगर नगर घूमा रात भर लिया हाल प्रज...
अन्य रचनाएंहे प्रिये! तुम्हारी प्रेम साधना कर मैने तुम्हे साध लिया है तुम्हारे प्रेम पथ पर मैने अखंड परधाम पा लिया है तुम्हारे नाम रुपी मण...
अन्य रचनाएंपर्याप्त है मेरे लिये बस एक ही आराधना माँ है आराध्य मेरी करुँ उन्ही की अर्चना ममतामयी स्पर्श से हर लेती जो हर दुख मेरा करुणामयी दृष्टी से ...
अन्य रचनाएंदश पराया देश पराया देश पराया वेश पराया आज फिर मन भर आया याद आई उस छोटे से शहर की भाई-बहन और शाम के पहर की माता-पिता और प्यारी नानी क...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022