सरकार ने राष्ट्र हित हेतु एक नयी मुहिम चलाई युवा देशसेवा में आये सोच एक अग्निपथ योजना लाई। बेरोजगारों को भी कुछ रोज़गार मिल जाये तत्...
अन्य रचनाएंआज बड़े दिनों बाद अपने लिए चाय बनाई हर घूंट में मैं ज़िन्दगी के खोए पल जी आई सुकून के पल मेरे हिस्से आते है नसीब से रोज़ की जद्दोजहद से थोड़ी आ...
अन्य रचनाएंआज बड़े दिनों बाद अपने लिए चाय बनाई हर घूंट में मैं ज़िन्दगी के खोए पल जी आई सुकून के पल मेरे हिस्से आते है नसीब से रोज़ की जद्दोजहद से थोड़ी आ...
अन्य रचनाएं"साँझा चूल्हा" हम भी रहे कभी सयुंक्त भरे पूरे परिवार का हिस्सा एक छत के नीचे साँझा चूल्हा ही नहीं सुख दुख सब कुछ साँझा होता था। रो...
अन्य रचनाएं"साँझा चूल्हा" हम भी रहे कभी सयुंक्त भरे पूरे परिवार का हिस्सा एक छत के नीचे साँझा चूल्हा ही नहीं सुख दुख सब कुछ साँझा होता था। रो...
अन्य रचनाएंसमुद्र के पहरेदार सुनो तुम क्या इसकी रक्षा कभी कर पाओगे? ये तो विशाल अनंत इसकी नहीं तय सीमाएँ किस किस दिशा में तुम नज़र ऱख पाओगे? व्यापक जलनि...
अन्य रचनाएंसमुद्र के पहरेदार सुनो तुम क्या इसकी रक्षा कभी कर पाओगे? ये तो विशाल अनंत इसकी नहीं तय सीमाएँ किस किस दिशा में तुम नज़र ऱख पाओगे? व्यापक जलनि...
अन्य रचनाएंजब ये लब कुछ भी न कह पाये तब इनकी जबानी तुम पढ़ लेना। 🌹 बालों में अनुभव की चांदी छाये तो इनकी कहानी तुम पढ़ लेना। ...
अन्य रचनाएंजब ये लब कुछ भी न कह पाये तब इनकी जबानी तुम पढ़ लेना। 🌹 बालों में अनुभव की चांदी छाये तो इनकी कहानी तुम पढ़ लेना...
अन्य रचनाएंजब नहीं थे हम तुम प्रकृति तब भी थी परिवर्तन से इसके ही हुआ हमारा सृजन जीवन दिया इसी की सौगातों ने मानव ने आधुनिकता एवं विकास की...
अन्य रचनाएंअक्सर देर रात जब भी नींद खुल जाती है, जेहन में कैद कुछ बातें बाहर आ जाती है चेहरे पर कुछ हल्की मुस्कान जगाती कुछ आँखों में नमी द...
अन्य रचनाएंगरज गरज जोरों की थी हुआ था बहुत हो हल्ला स्वच्छ भारत अभियान का हाथ में थामे थे सब झंडा। सड़कें, गलियों, नालियों की सफाई कर सबने ख...
अन्य रचनाएंओ! माँ के राज दुलारे लाल माँ भारती की रक्षा को हो जा तैयार.... अपने कुल के कुलदीपक तुम वीर सपूत इस देश के बन के जान अपनी हथेली पर रख के दुश्...
अन्य रचनाएंमहात्मा बुद्ध का जीवन दर्शन महान है, जनजीवन पर आज भी इसकी अमिट छाप है। कर्म, ध्यान एवं प्रज्ञा इसके आधार रहे है, दुखों से मुक्ति...
अन्य रचनाएंमिट जाता है वंश वो जो करता दूसरों का अपमान नहीं माने जो इस विश्व में अनमोल प्राणियों की जान दुर्योधन के साथ थी कृष्ण की नारायणी सेना विशाल प...
अन्य रचनाएंगरमी का मौसम रहे,तपन भयी है तेज भटक प्राणी तरस रहे, जल की करते खोज। तपती जब ये भू रहे, आग बरसे खगोल बूँद बूँद प्यासे रहे, जल लाग...
अन्य रचनाएंबेबस बेहिसाब किस्सा है, जिसका बरकत के समंदर में नहीं कोई, हिस्सा हैसियत से नहीं रहता है, अंजान हसरतों का नहीं बनाता कोई, जाल हुनर की इनकी गर...
अन्य रचनाएंनया दौर है,आया नया जमाना नर पर लगती अब भारी नारी है। अपने अधिकारों की बात करे ये नहीं रही ताड़न की अधिकारी है। चूल्हे चौके से बाह...
अन्य रचनाएंअपने अपने कर्मों का फलदान स्वर्ग नरक का यही होता भान सभी चाहते हम इसी जीवन में कैसे क्यों न बन जाये श्रेष्ठ महान इच्छाओं की प...
अन्य रचनाएंछुट्टी की सुबह होती है अलसाई सी आँखों में नींद स्वप्न नये भर लाती इन नये सपनों के बिछोनो पर मुझे प्यार की हल्की सी थपकी दे सुलात...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022