लोकतंत्र की ख़ास खासियत जन जन तक जन जन का संवाद अभिव्यक्ति की आजादी सूचना का अधिकार।। न्याय पालिका, कार्यपालिका, विधायिका लोक...
अन्य रचनाएंबेटा हिन्द का हूँ मैं, मेरी पहचान है हिंदी माँ सरस्वती कि वीणा की झंकार है हिन्दी, बेटा हिन्द का हूँ मैं मेरी पहचान है हिंदी।। लहू में बहती ...
अन्य रचनाएंशुक्ल पक्ष तृतीया बैशाख मास अविनि पर गंगा अवतरण कृष्ण सुदामा मिलन शुभ अवसर पदोष काल।। आखा तीज मंगल शुभ मुहूरत धन बैभव शुख सबृद्ध...
अन्य रचनाएंमजबूर नहीं मजलूम नहीं मजदूर है हम, मेहनत मेरा ईमान खून पसीना बहाते हम।। मेरा अपना घर जीवन का सपना सारे जहाँ का घर बनाते है हम, कल कारखान...
अन्य रचनाएंबेमोल जीवन का मोल क्या बेमोल हवाओ से चलती सांसे बेमोल जल से जीवन बेमोल नेह स्नेह के रिश्तो का रिस्ता समाज भाई बहना का प्यार बचपन जवानी जीवम...
अन्य रचनाएंभाग्य भगवान कर्म काल जन्म जीवन अवसर उपलब्धि उद्देश्य मर्म महत्व मान।। निराकार साकार निर्विकार मन आत्मा बुद्धि विचार व्यवहार सांचार ज्योति ज्...
अन्य रचनाएंधन धान्य यश शुभागमन वंन्दन अभिनंन्दन पुज्ज संपत आशीर्वाद विश्वास उत्सव चलभाष।। पंच दिवस उत्सव जीवन की खुशियाँ स्वस्थ जीवन सुख बैभव अनुराग भ्...
अन्य रचनाएंमाधवं केश्ववम कृष्ण दामोदरम भगवतम भाव धन्य राधे राधितम!! माधवम केशवम कृष्ण दामोदरम भगवतम भाव धन्य राधे राधितम!! भाग्य भी है भगव...
अन्य रचनाएंबढ़ती सर्दी बदलता मौसम प्रकृति नव यौवना सिकुड़ता मानवतन दिवस छोटा लंबी रात।। भाव भावना जीवन तंगी हालात सर्व भाव की अभिव्यक्ति मूक ईश्वर का द...
अन्य रचनाएंआंवला पीपल श्रीफल प्रकृति प्राण विष्णु बृक्ष श्री हरि आशीर्वाद छाँव भाष्य।। जन्म स्वास्थ जीवन पथ उद्देश्य मुक्ति बोध मार्ग के विश्राम छाँव क...
अन्य रचनाएंसंत का उदय अंत्योदय उन्नति उत्कर्ष मार्ग प्रशस्त आश विश्वास।। निःस्वार्थ निर्विकार सम भाव धरा धारा प्रवाह मानव मानता सांस्कार अत...
अन्य रचनाएंप्रभा प्रभात संध्या निशा दिन रात लिखुंगा भाष भाष्य भाव वर्तमान अतीत भविष्य कि बात लिंखुगा।। जीवन का शुभ मंगल नैतिकता मौलिकता मूल्य शब्द स्वर...
अन्य रचनाएंसमय प्रबाह परिस्थिति परिवेश वर्त्तमान की दृष्टि दिशा मार्ग है।। साहित्य भाव झरना झील नदियां सिंधु समागम नित्य निरंतता अक्षुण अक...
अन्य रचनाएंराम तो जीवन मूल्यों का नाम राम धर्म धैर्य का मान।। राम विशुद्ध सात्विक संस्कार राम राम से प्रणाम।। राम राम राम अभिशाप राम नाम ह...
अन्य रचनाएंमाँ जिसे बुलाती जाता तेरे दरबार ,माँ की ज्योति जली है ,जग में है उजियार बोलो जय मात दी ।। बोल...
अन्य रचनाएंजै जगदंबै जै माँ काली, जै जगदंबै जै माँ काली ,वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!! जै जगदंबै जै माँ काली...
अन्य रचनाएंजग तेरे चरणाें आया मेरी माँ जग तेरे शरणाें में आया मेरी माँ!! तेरे आँखो का दुलार ,तेरी संतान, तेरे आँचल का प्यार ,तेरी संतान ...
अन्य रचनाएंजै जै जै अम्बे मातु भवानी माँ दुर्गा जग कल्याणी!! जै जै जै अम्बे मातु भवानी माँ दुर्गा जग कल्याणी!! मनोकामना कि तू माता,ममता का आँचल वात्सल...
अन्य रचनाएंतू अवनि अवतारी पर्वत की बाला दुःख हरने वाली जग कल्याणी जय अम्बे जय जगदम्बे !! तू सीता सावित्री पार्वती विघ्नेश्वरी भुनेश्वरी बाघम्बर...
अन्य रचनाएंआराधना खंड हे देवी माँ तू भय भव भंजक जगत कल्याणी दुष्टो की दुर्गा काली भक्तो की रखवाली शक्ति दे मुझे अपनी भक्ति का भाव भाग्य दे !! माँ ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022