न मैं मंदिर पुजू न मस्जिद और न ही गुरूद्वारा, मां के चरणों में ही समाई है देखो ये संसार सारा। मां का गर मिल जाए आशीष तो मैं तीन...
अन्य रचनाएंमनुष्य पर ढा रहा है कहर धूप, सूख गए है सब नदी नाले कूप। पशु पक्षी भी हैं बहुत अब त्रस्त, न जाने कब होगी? ये बरसात। दाने पानी के...
अन्य रचनाएंअपने भक्तों की सुनं ले पुकार ओ शेरोंवाली, कालयुग में ले ले अवतार ओ महारानी। सबके दुःख, दर्द तु ही है हारने वाली, भटक रहे हैं राह तु ही है दि...
अन्य रचनाएंओ करोना तू कहां से आया, क्यों सबको कर दिया पराया, तेरा आना किसको रास न आया, सबकी मुसकाराट तुने छीनी, ओ करोना तू हमें न रास आया,...
अन्य रचनाएं२३जनवरी १८९७ को नेताजी ने जन्म लिया, इस महान धारणी में जन्म लेकर धारणी को धन्य किया। जानकीनाथ बोस एवं प्रभात देवी ने सुभाष नाम दिया, १९१३को ...
अन्य रचनाएंतुम्हें ये देश बुला रहा है, तुम्हारे विचारों को संजो रहा है। तुम्हें याद कर अब आंसु बहा रहा है। राम रहीम के बंदे आपस में लड रहे ...
अन्य रचनाएंपच्चीस दिसंबर १८६१ को जन्में, नाम मदन मोहन मालवीय था। शिक्षा के क्षेत्र में रहा इनका योगदान। सीधा सादा जीवन रहा विचार बेहतरीन। ह...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022