" रिश्ते " जो हमें एक डोर की तरह आपस में बांध कर रखते हैं । रिश्ते जो हमारे अंदर जज्बात पैदा करते हैं और हमें जोड़ कर रखते...
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अन्य रचनाएंरिमझिम - रिमझिम सी बूंदे , जग कर ,आंगन में आई ... अपने लघु उज्जवल तन में, कितनी है सुंदरता लाई... मेघों ने भी गरज गरज कर, मादक संगीत...
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अन्य रचनाएंसांझा चूल्हा की बात निराली, संयुक्त परिवार की निशानी... जहां रिश्ते हैं बसते, माला सी पिरोए, संग संग है रहते, खुशी ,संग मुस्कुराते.....
अन्य रचनाएंसांझा चूल्हा की बात निराली, संयुक्त परिवार की निशानी... जहां रिश्ते हैं बसते, माला सी पिरोए, संग संग है रहते, खुशी ,संग मुस्कुरा...
अन्य रचनाएं" आशा " जीवन में एक आशा की किरण, होना है जरूरी निराशा को हटाकर आशाओं के दीप जीवन में जलाए रखना है जरूरी.... मिटाकर मन के अ...
अन्य रचनाएं" आशा " जीवन में एक आशा की किरण, होना है जरूरी निराशा को हटाकर आशाओं के दीप जीवन में जलाए रखना है जरूरी.... मिटाकर मन ...
अन्य रचनाएंपीली सी चादर में, लिपटा हुआ नभ नवप्रभात लेकर आई भोर सुहानी... मध्यम मध्यम सूरज ने, लालिमा है बिखेरी आगाज हुआ सुहानी भोर का लेकर ...
अन्य रचनाएंबीज से पौधा बना, पौधे से बना पेड़ जमीन से जुड़कर फला फूला , मैं प्यारा सा पेड़... ईश्वर द्वारा प्रकृति का अमूल्य हूं वरदान, हरी भरी हरियाली,...
अन्य रचनाएंगरीबी इंसान को, लाचार है बनाती जो दिन ना देखें वो सब है दिखाती... चार दिवारी है, उन पे ना कोई छत ना ही कोई उम्मीद हवा के झोंके ड...
अन्य रचनाएंसूरज की किरणें, समेटे अपने घर चला... प्यारी सी मुस्कान लिए दिखाएं अपनी कला.. धन्य हैं गोधूलि बेला, थके हारे चरवाहों का घर जाने...
अन्य रचनाएंजिंदगी तजुर्बे की एक गठरी होती है, जिसमें जीवन जीने का अनुभव होता रहता है । जिंदगी का सफर तो यूं ही चलता है लेकिन, ना जाने किस म...
अन्य रचनाएंबीता हुआ कल, चाहे हो सुख के या दुख के वापस नहीं आते रह जाती हैं बस उनकी यादें... बीते हुए कल में, याद जो आती है बातें सोचते ही म...
अन्य रचनाएंआज का युग, बेरोजगारी से है तंग हर पढ़े-लिखे पर देते हैं सब व्यंग... आज का नौजवान, नौकरी पाने की इच्छा है रखता नौकरी की तलाश में...
अन्य रचनाएंमत कर अभिमान, जीवन जो आया है कल वापस चले जाना है धन, दौलत, रूप ,ऐश्वर्य एक दिन छुट जाना है ... आज जो तेरा है, फिर कल किसी का हो ...
अन्य रचनाएंपापा की प्यारी परी, नन्हे नन्हे कदमों से घर आंगन को सजाती चांद सा चेहरा लिए मीठी मुस्कान से, मेरी बगिया को खिलाती ... हाथ पकड़ च...
अन्य रचनाएं" मां " शब्द में पूरी कायनात है समाती, मां जो हजारों दर्द सह कर देती वो बच्चे को जन्म सुन, उसकी किलकारियों की आवाज ह...
अन्य रचनाएंकैसे वो अपनी जिंदगी, जिए जा रहे हैं ... आंखों में आंसू और दर्द, लिए जीवन जिए जा रहे हैं .. एक समय की रोटी के लिए, दरबदर है भटकते...
अन्य रचनाएंजिंदगी की राह में, कुछ ऐसे मोड़ आते है कुछ दर्द, कुछ हादसे धुंधले से बनकर रह जाते हैं .. जीने की एक नई उम्मीद में, कदम तो आगे बढ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022