लोकतंत्र के फिर से त्योहार बा आयल। सगरों पोस्टर पोस्टर बैनर बा छायल। सगरो नेताजी के हो हल्ला मचल बा। देखत ह ऊ , उ ओनकर केतना गल्ला भरल बा। प...