ऐसा भ्रम - जाल क्यों फैला रहे हैं ? नारी का क्या रूप दिखा रहे है ? ऐसा कहीं क्या होता है ? व्यर्थ असत्य दिखा रहे हैं । हास्य...
अन्य रचनाएंदल बदलू नेता सारे , घर घर करें प्रचार । वोट हमको ही दीजिए , बदल देंगे संसार ।। जनता भी है कम नहीं , समझे निज अधिकार । वोट उस...
अन्य रचनाएंसात स्वरों की सरगम पर गीत मधुर सज जाते हैं । दिल के सुन्दर भाव सुर - लहरियों पर बह जाते हैं । स से षडज गीत शान्ति के सदैव गाते...
अन्य रचनाएंलोकतंत्र में जन्मने वालों , जीने के अधिकार तुम्हारे हैं । जैसे चाहो जीवन जीना , जीवन पर अधिकार तुम्हारे हैं । यह न भूलना कभी तुम , कर्तव्य भ...
अन्य रचनाएंजाते हो तो जाओ तुम परदेश , चाहें बदलो अपना भेष - परिवेश , तन - मन में रचा - बसा स्वदेश , अपना देश याद आएगा । भूल न पाओगे माटी की गन्ध , ...
अन्य रचनाएंसर्दी का मौसम और सर्द हवाएँ , कैसे - कैसे रंग दिखाएँ । कोहरे से भरी सुरमई वादियों में , बर्फीली हवाएँ कैसे - कैसे सितम ढाएँ ! को...
अन्य रचनाएंएक कप चाय की चाह कैसी होती है ? क्या चिड़ियों की चहचहाट सी होती है ? उन्मुक्त नील गगन के नीचे , बादलों के रुपहले टुकड़ों को जै...
अन्य रचनाएंदैव ने कैसा खेल रचाया ! कहीं माया तो कहीं जीर्ण काया । कहीं जोड़- जोड़ महल बनाया । कहीं क्षुधा से तड़पाया । हाथ फैलाना किसको...
अन्य रचनाएंसपने तो सपने होते हैं । हर पल बनते - बिगड़ते रहते हैं । सोते सपनों की तो बात ही क्या , जागती आँखों के भी कब अपने होते हैं ? दुन...
अन्य रचनाएंमेरा पारिजात , मेरा कल्पतरु , मेरा हार सिंगार । मेरे आँगन का श्रृंगार । झरते सुमन पारिजात के , रुक्मिणी , कृष्ण , कुन्ती की या...
अन्य रचनाएंदसों दिशाएँ धुआँ - धुआँ हैं । आगे - पीछे , ऊपर - नीचे , प्रदूषण का अँधा कुआँ है । दसों दिशाएँ धुआँ - धुआँ हैं । प्रकृत्ति - ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022