नभ में चमकी चंचल चपला, उमड़ घुमड़ कर बरसे बादल। श्याम घटा छाई अम्बर में, रिमझिम बरसा बर्षा का जल। मिट्टी ने छोड़ी सौंधी खुशबू, हरिताभ ह...
अन्य रचनाएंनभ में चमकी चंचल चपला, उमड़ घुमड़ कर बरसे बादल। श्याम घटा छाई अम्बर में, रिमझिम बरसा बर्षा का जल। मिट्टी ने छोड़ी सौंधी खुशबू, हरित...
अन्य रचनाएंबीत गयी है तपिश जेठ की, रिमझिम सावन आया है। मदमस्त मयूरा नाच रहे अब, कोयल ने गीत सुनाया है। दादुर झींगुर की झांय-झांय,...
अन्य रचनाएंहिन्दू नवबर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं हर्षित हुआ धरा का कण-कण, प्रकृति ने भी श्रृंगार किया है। उल्लास उमंग साथ में लेकर...
अन्य रचनाएंमत समझो कमजोर मुझे मैं नही अबला बेचारी हूँ। रुख तूफानों का मोड़ने वाली मैं भारत की नारी हूँ। मैं लक्ष्मी हूँ मैं सरस्वती हूँ मैं शिव की अर्ध...
अन्य रचनाएं💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 एक और सितारा भूमण्डल से पहुंच गया सुर लोक में, जिसके सप्तस्वरों की ध्वनि अब गूँजी है परलोक म...
अन्य रचनाएंप्रारंभिक जीवन- नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म जनवरी 23 सन 1897 में उड़ीसा के कटक शहर में हिन्दू कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके प...
अन्य रचनाएंआज हर किसी की जिंदगी में एक ऐसा नया मोड़ आया है। जहाँ सुख तो हुआ कोसो दूर हर तरफ सिर्फ गम का ही साया है।। रक्तरंजित से रंजित है...
अन्य रचनाएंरेशम के धागों सी कुछ उलझी कुछ सुलझी सी जिंदगी। सलाइयों के उतार चढ़ाव में कुछ यूँ सिमटी सी जिंदगी। हर रोज अनगिनत लम्हों से होकर ...
अन्य रचनाएंअदभुत,अनुपम,अलौकिक,अविरल है रूप निराला। कर त्रिशूल अरु डमरू विराजे गले मुंडों की माला। जटामध्य गंगधार धवल अति श्वेत त्रिपुंड ललाट पे सोहै। ...
अन्य रचनाएंमानव जीवन की दुनिया में, शतरंज के जैसी कहानी है। कहीं पे प्यादा कहीं पे राजा, और कहीं पर रानी है। हार-जीत का खेल ...
अन्य रचनाएंआसमाँ से गिरती हुई वो ओस की बूंदें, भोर की स्वर्णिम रश्मि में हरीतिमा कहलाती है। अनगिनत विन्दुओं से पिरोई हुई वो कोपलें, धरा पर ...
अन्य रचनाएंबचपन की वो बेफिक्री वाली नींद बहुत याद आती है, जो चुपके से आंखों के कोयों में आकर बस जाती है। न ही सर पर जिम्मेदारी का बोझ था न...
अन्य रचनाएंसब देशों में न्यारा है, मेरा भारत सबसे प्यारा है। उत्तर में है खड़ा हिमालय पल-पल सौंदर्य बढ़ाता है, दक्षिण में लहराता सागर विशालता...
अन्य रचनाएंनमन जांबाज़ वतन के तुमको बारम्बार करती हूँ, माँ भारती के लाल तुम, तुम पर गर्व करती हूँ, मिटा तम घोर भारत का तुम्हार...
अन्य रचनाएंकांधे पर बंदूक सजाए करते देश की रखवाली है, सीमा पे निर्भीक खड़े ज्यों चमके सूरज सी लाली है। कर्तव्य पथ पर है अडिग वो सेना के जवा...
अन्य रचनाएंसन-सन चलती हुई वो सर्द हवाएं, आसमाँ में छाई घनघोर धुंध, और चौपाल में जलता हुआ वो अलाव, आज भी अकसर स्मृतियों में आ जाता है। जहाँ ...
अन्य रचनाएंअनुराग हुआ प्रभु चरणों से, माया का बंधन तोड़ दिया, आयेंगे एक दिवस राघव, गुरु बचनों पर विश्वास किया। थी निम्न जाति की लेकिन वो,प्र...
अन्य रचनाएंसहनशक्ति से भरपूर है वो, मेरी धरती। मिट्टी को सोना, करने वाली वो है, पारस मणि। भार सहती, पर्वतों नदियों का, नही चाहती। धर्म से टिकी, अधर्म स...
अन्य रचनाएंस्पर्श पा नवजात शिशु का, उर स्पंदन खिल गयी। एहसास कर के पूर्णतः का, वो ममतामयी मूरत बनी। गुनगुना स्पर्श लबों...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022