आज के इस युग में हर तरफ माया का जंजाल है किसी के घर है भरा खजाना तो कोई कंगाल है रिश्ते-नाते उलझे हैं माया के जाल में अपने ही फंस जाते हैं ...
अन्य रचनाएंमाँ शारदा के श्री चरणों में नमन रश्मिरथी पटल काटकर वनवास अयोध्या लौट आए श्री राम जी सज गई पूरी अयोध्या जैसे हो दुल्हन कोई थे नगरवासी अति उत्...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022