प्रजंडता के शिखर पर, हिम नदी बहा रहा ... धधक रही लौ मशाल वो जला रहा ...। नायक ,अग्निवीर का ऋतुराज आव्हान कर रहा .. बासंतिक, सौंदर्य ...
अन्य रचनाएंआरक्षण का जिन्न बोतल से बाहर क्या निकला कि ,इसने अपनी मन मानी चाल से कई नस्लों को बर्बाद कर गया ...। जिन्होंने आरक्षण की सौगात देश...
अन्य रचनाएंआरक्षण का जिन्न बोतल से बाहर क्या निकला कि ,इसने अपनी मन मानी चाल से कई नस्लों को बर्बाद कर गया ...। जिन्होंने आरक्षण की सौगात...
अन्य रचनाएंतलाशती रहीं जल की बूंदें, भटक रहीं निगाहें राहों में ..! आहें भरती ,झोली खाली, ना पुष्प ना सुरभी कहीं डाली -डाली..! सूखे पोखर स...
अन्य रचनाएंजीवन का आधार तत्व ज्ञान, हे ..! मानव पर्यावरण तू जान ..!! भौगोलिक ,इकाई पर्वत ,पठार, मैदान, अंक में लिए मां धरा सर्वश्रेष्ठ महान...
अन्य रचनाएंएस्ट्रौनोमर्स स्पेस प्रयोगशाला...! वैज्ञानिक तैयारी कर रहें हैं नए प्रोग्राम की...उसके लिए उन्होंने विशेष पौधशाला और कृतिम उपकरण...
अन्य रचनाएंना -ना -ना बाबूजी मुझे भीख नहीं चाहिए , भीख में मिली दया नहीं चाहिए ..! हो सके तो प्यार दो ,एक हंसी उधार दो ..! मुझ गरीब को मेरी...
अन्य रचनाएंपांचवीं कक्षा का चिंदबरम आज परेशान था..! कमर में असहनीय पीड़ा व रीढ़ की हड्डी में अत्यधिक दर्द था ..! उसका मन विद्यालय जाने का ...
अन्य रचनाएंसत्यमेव जय की राह पर डिगते नहीं हैं दुश्मन पर वार करने से डरते नहीं हैं..!! बैरी की नजर को चीर कर रखते हैं .. सर पे वतन की मिट्ट...
अन्य रचनाएंबाहर बारिश थी .. अनवरत झम झमा झम ..! ऊपर टीन की छत पर बारिश का शोर , टपर -टपर की आवाजें होती ..! मन बारिश में गाना गुनगुनाने ...
अन्य रचनाएंएक रात... मैं सोया था ...और लोग बोले कहां गया मैं..? बहुत गहरी नींद में सो गया...था मैं..कहता था हमेशा रूसी और अमेरिकी जासूस मुझ...
अन्य रचनाएंइतिहास गवाह है-- समाज की धारा के विपरीत यदि स्त्री चलती है तो उसे अभिशाप मिलता है..! कहानी मेवाड़ की किले की है..। सुंदर नक्काशी ...
अन्य रचनाएंपावस दिवस जल भर कुंभ , अतृप्त धरा ओढ़ी नव वसन ..!! छवि अंकित नभ में रंग , ओट से गवाक्ष से सारंग ..!! नैसर्गिकता का प्रमाण , अट्ट...
अन्य रचनाएंएक बार : मानव ने शेर, चिड़िया , कुत्ता व मुर्गे को एकत्र किया व पूछा ,"--तुम्हारी तुलना में मैं बुद्धि में अधिक हूं .! मेर...
अन्य रचनाएंस्त्री घर की दहलीज के पार , मर्यादाओं का लेती भार ..!! समाजिक मूल्यांकनों की उंगलियों का , होती रहती हर क्षण शिकार ...!! कुछ द्र...
अन्य रचनाएं"जहर का असर फूलों में इस कदर हुआ है .. जिंदगी से रुबरू मासूम दो चार हुआ है ..!!" पुजारी जी ने बड़े अरमानों से पुत्री क...
अन्य रचनाएंचहुंदिश के द्युति दीप्त संकल्प , उच्च शिखर वक्ष दृढ़ विकल्प ..!! सीमाओं के अजेय रक्षक प्रहरी , मातृ भूमि के अडिग संतरी..!! लहु क...
अन्य रचनाएंये चाय की केतली ,ये चुस्कियां चाय की, इन लिपटी हुई खुशबुओं में कहानियां महकी.!" दूर एक गांव की जाती हुई सड़क ... बारिश का ...
अन्य रचनाएंजमींदार बैष्णौ ने सतरंगी को उसके मां -बाप से खरीदा था ,वह बेहद गरीब किसान की बेटी थी । सतरंगी उमर से दुगने साहूकार की पत्नी बनी,...
अन्य रचनाएंअब किसका इंतज़ार ..? एक बार फिर फोन की घंटी घनघनाई .... ग्रेसी ने फोन उठाया ,--" हेलो !" ------------🌺--------------...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022