गृहस्थ आश्रम तो खुद एक साधना है जिसमे आकर भगवान भी रम गये है नही जाना पडता हमे हिमालय पर सारे शुभ कर्मो को करके पुण्य पाते है । हमारी तपस्...
अन्य रचनाएंतुम अकेले खडे हो एकता तुम मे नही है हम अम्बर मे उडने वाले और जमीं पर भी एक है बडा अहंकार है तुम्हे अपनी बुद्धि पर फिर भी म...
अन्य रचनाएं★★★★ बडे जतन से जोरे रूपैया ब्याह करन को सयानी बिटिया आग लगे जा माहमारी मे सबरे मिट गये हमाय रूपैया कासे लाय दान दहेज कैस...
अन्य रचनाएंपापा मेरे पापा कितने प्यारे प्यारे तुम ... मुन्नी मेरी मुन्नी आँखो का तारा तुम .. पापा ओ पापा ....मेरे पापा..... ..... बस कर बेट...
अन्य रचनाएंपापा कहाँ जाते है देह से विलग आत्मा मे समाये रहते है जब भी घबराता है मन मेरा विचारो से हिम्मत भरने चले आते है । मन की आँखो ...
अन्य रचनाएंबरसाने मे होली खेले नन्दबाबा के ललना कनक लिये पिचकारी भीजें राधारानी सुकुमारी । नटखट श्याम शरारत करते बीच बीच मे हाथ पकडते ...
अन्य रचनाएंसैर तो एक बहाना है प्रकृति से मिलने जाती हूँ ईश्वर की सुन्दर कृति को करवद्व शीश नवाँने जाती हूँ । काँटो संग खिलते फूलो से जी...
अन्य रचनाएंचाँद तू बचपन से संग संग चला ऐसे जज्बातो मे ढला बन गया लोरियो मे चंदामामा मेरा ढेरो कहानियो मे सुना ऐसा दोस्त बन गया । जब ह...
अन्य रचनाएंअभिनन्दन का वंदन कर लो ऐसे फौजी वीर यहाँ घर मे घुसकर मार के आते ऐसे रणवाँकुरे यहाँ । आँख मिलाकर बाते.करते नही झुकाते शीश यहा...
अन्य रचनाएं------------------------------ मन अनंत संभावना... असीम विभावना.... कभी शरीर तक सीमित तो कभी विचार असीमित कभी शरीर- मन के पार कभी...
अन्य रचनाएंएक उडनखटोला ला दो माँ एक उडनखटोला ला दो माँ । उडनखटोला से देखूँ .. कैसा लगता है देश मेरा कैसे झरने नदियाँ पर्वत कैसे लहराते ख...
अन्य रचनाएंओ मेरे पापा मै भूली नही उन पानी की बूदो को अभी तक जो चुपके से आपने छुपकर पोछ लिया था । और हँसकर विदा किया था जैसे आप छिपा र...
अन्य रचनाएंहमारे ललन को सुला जा री निदिया बुलाती है ममता तू आ जा री निदिया ,, सुहाने स्वप्न साथ मे ले के आना परियो के घर मे इस को घुम...
अन्य रचनाएंहे शारदे माँ ,कमल पर विराजित करू वंदना कर जोर तेरी नमन कोटि कोटि ,वरद हस्त रख दे मेरी लेखनी को भावो से भर दे धवल रूप मे माँ ...
अन्य रचनाएंप्रेम मीरा सा ,निस्वार्थ प्रेम राधा सा इन्तजार प्रेम वैदैही जैसा त्याग प्रेम उर्मिला सा विश्वास प्रेम मन का सुन्दर अहसास...
अन्य रचनाएंनिर्झर धीर गंभीर बहती जाती कल कल के मधुर गीत सुनाती अनेको फूलो के जड को छूँती चमन की खुश्वू फैलाती आती झर झर झरना तू सुरम...
अन्य रचनाएंशकुन्तले ,,के प्रिये सखे ,,खरगोश तुमने क्यो नही समझाया दुष्यंत को जब बिसरा बैठे तेरी सखी शकुन्तले को कितना लाड तुझे करती थी ,...
अन्य रचनाएंबैठे बैठे एक ख्याल आया पति पर बेहद प्यार आया पूँछा ,,क्या बनाये आज आपकी पंसद का भोजन ..बताओ जरा चौक कर देखा,सूरज पश्चिम निकल...
अन्य रचनाएंमुझको तो भाती है बस ,पेंटिंग मेरी महारानी की खूब लडी मर्दानी बह तो झाँसी बाली रानी की । जोश ह्मदय मे भर देती है ,ना डरना तुम कह...
अन्य रचनाएंजन्म मृत्यू जब अटल है तो बार बार क्यो दोहराते जो होना ही है बही बताते अजन्मा नही जो जाना नही जब जन्म का उत्सव मनाते तो मृत्...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022