दुनिया बहुत बड़ा है मेला हरदम चलता रहता खेला और कमाल की बात यही है फिर भी हर इंसान अकेला * बड़े मंच के बड़े खिलाड़ी इस मेले में बने अनाड़ी...
अन्य रचनाएंकविताएं हो चुकी प्रसारित मिला मगर पेमेंट नहीं लगता है उस सूत्रधार तक पहुंचा कुछ परसेंट नहीं , हाय हाय क्या बात में लगता पूरी ठेकेदारी है ...
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