जब हम और तुम सपनों में ही मिल लेते हैं तो बेवजह मिलने मिलाने की जरूरत क्या है। इश्क इक आग का दरिया है कोई समंदर नहीं फिर इसमें ...
अन्य रचनाएंजहाँ बोझ है शैशव पर जिंदगी का वहाँ पर मासूमियत किस तरह से दम तोड़ती है ये सिर्फ सहानुभूति का ही विषय नहीं जिंदगी की सबसे बड़ी त्र...
अन्य रचनाएंजिंदगी मानो शतरंज की बाजी है हम सब इसके मोहरे हैं हमें फूंक फूंक कर समय की चाल के हिसाब से चलना पड़ता है जिंदगी ने जो बिसात ब...
अन्य रचनाएंजहाँ बोझ है शैशव पर जिंदगी का वहाँ पर मासूमियत किस तरह से दम तोड़ती है ये सिर्फ सहानुभूति का ही विषय नहीं जिंदगी की सबसे बड़ी त्र...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022