ऑंखों से मेरी ढलता हुआ खारा सा पानी एहसासों को समेटे, यही तेरे प्रेम की निशानी!! हमेशा कब रही है ,ठहरी हुई रबानी हिचकोले खाती रही,सम...
अन्य रचनाएंऑंखों से मेरी ढलता हुआ खारा सा पानी एहसासों को समेटे, यही तेरे प्रेम की निशानी!! हमेशा कब रही है ,ठहरी हुई रबानी हिचकोले खाती रह...
अन्य रचनाएंछूट जाता है जो लम्हा भरकस खुश रहने की कोशिश का, उसका ख्याल आता है अक्सर देर रात।। ख्वाब जो पूरे नहीं होते कर्तव्यों की जद्दोजहद...
अन्य रचनाएंदेखो, भर गया वृक्ष पलाश आने वाला है मौसम खास। यादों में जैसे कोई खोया हुआ मुद्दातों के बाद आज जागा हुआ। जैसे वीरान विराट जंगलो...
अन्य रचनाएंस्वछन्द ह्रदय से स्वीकार, प्रेम सदैव आभासीत हुआ, प्रेम की परिपूर्णता में भी प्रेम कब परिभाषित हुआ।। अपूर्ण प्रेम ही प्रेम की पर...
अन्य रचनाएंमिल ना पाता जनवरी से कभी दिसंबर का भी अपना ही दर्द है। बीच बाजार बदनाम ही रहता, दिन ठिठुरन भरे, कहते रातें सर्द हैं। आने की अपन...
अन्य रचनाएंना करो ज्यादा उम्मीदें,ना सजाओ बड़ा सपना , आए हो दुनिया के मेले में , चार दिन है तुम्हें रुकना !!! है लोभ, लालच, विलासिता का ब...
अन्य रचनाएंदेश के दिल में बसता है प्यारा मध्यप्रदेश है। लोक संस्कृतियों, जनजाति का यहाॅं अदभुत संयोग है, प्यारा मध्यप्रदेश है।। पाॅंच राज्य...
अन्य रचनाएंजग में छाया अंधेरा,रात घनघोर थी कंस के ज़ुल्म से, त्राहिमाम चहुंओर थी थी जरुरत हमें प्रभु, अवतार की हर तरफ शोर था, अधर्म का जोर ...
अन्य रचनाएंअथाह शक्ति सम्पन्न, निर्गुण अनादि परब्रहम खेता नाव समस्त जगत की, धर्म हीन मानव शरीर की ! क्षमा सदैव अपराध कीजिए,मम बुद्धिहीन प्र...
अन्य रचनाएंमहक गया फिर चमन हमारा नीरज ने रवि उगाया है, रहे तिरंगा शान तेरी टोक्यो में जन मन गाया है!! रचा दिया इतिहास लाल ने भारत देश आज ...
अन्य रचनाएंशिक्षा में परिवर्तन देखो,अजब गजब सा मापन देखो, बिना कापी और बिना पेन के,छात्रों को अध्यापन देखो ! अब हम तो कहलाते बुद्धू,रात दिन जो पढ़े पढ़...
अन्य रचनाएंराम नाम की महिमा गा ले, राम नाम तू कंठ समा ले, जीवन की सुध ले ना ले, राम प्रभु को अपना ले, साधक जपते राम ही राम , रे, मन तू क्...
अन्य रचनाएंकापी के पिछले पन्नों से,बनती थी जब नाव, बारिश के पानी में भी तब,छप छप करते पाँव! भीगा तन, और भीगा मन,अंतरमन भी मस्त मगन, काले का...
अन्य रचनाएंसजी नवेली संग सखी सहेली मुखुर हंसी । मंडप छाए मंगल गीत गाएं पाएं आशीष।...
अन्य रचनाएंचिकित्सक दिवस पर समस्त चिकित्सकों को समर्पित मन में समाहित नित सेवाभाव सर्वे भवन्तु सुखिन: का ही चाव, सदा कर्म पथ पर अटल अपने आ...
अन्य रचनाएंदेखते देखते रात ढल जाएगी तुम सितारों से शिकवा ना करना कभी चांदनी रात से क्यों शिकायत करें रात के बाद फिर एक सुबह आएगी ! अपने दर्...
अन्य रचनाएंतुझे भूलने की हर कोशिश, नाकाम हो गई, पहली बारिश क्या बरसी, खबर आम हो गई!! बात जो पहुंची नहीं, तुझ तक वही ज़िंदगी का पैगाम हो गई,...
अन्य रचनाएंहे परमपिता, हे आराध्य मेरे चरणों में सदा स्थान मिले , सागर की तूफानी लहरों में तुझ मांझी की पतवार मिले ।। मन भटक रहा मरीचिका में...
अन्य रचनाएंनिरंतर बह रही जीवन धारा सूखी, रेतीली,पथरीली राहें प्रवाह रोकती सरिता का उष्णता का चढ़ता पारा है!!! घोर अंधेरा छाया जैसे प्रधिप्त...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022