"कहां रह गई मरजानिये? निम्मो जल्दी घर आ जा, तेरे बाबूजी के आने का समय हो गया!" निम्मो की माँ भगवंती, इतनी तेज आवाज में...
अन्य रचनाएंखुद से खुद की पहचान पूछती है वो बेटी,पत्नी ,माँ के किरदार बीच बस जूझती रहती वो। पिता,पति,बेटे का घर है उसका ठिकाना क्या कभी बसा पायेगी वो अ...
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