हां मैं नारी हूं, प्रभु की अनमोल रचना हुं। कभी दुर्गा कभी शक्ति हुं मै, दुष्टों पर कर प्रहार महा काली हुं हां नारी---- मेरे हैं ...
अन्य रचनाएंजब कभी मुहब्बत में मेरा नाम आयेगा तब आख़िरी अदालत में तेरा नाम जाएगा। तेरी याद में जब कभी मैं रोती हुं, तब खुदा के पास मेरा ...
अन्य रचनाएंये तेरी बिंदिया मुझे तेरी याद दिलाए, हर पल जीने की राह दिखाए। जब जब मैं हतास और ,परेशान हो जाऊं तब मुझे पथरीले रास्ते पर चलना ...
अन्य रचनाएं🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 मकरसंक्रांति का पर्व है आया, मिलजुलकर हम पर्व मनाएं। एक दुजे से मन का बैर मिटाएं आओ हम सब पर्व मनाएं। गुड़ औ...
अन्य रचनाएंमानवता का पाठ पढ़ाया, नव युग का निर्माण किया। अपने कौशल बुद्धि ज्ञान से धर्म का की ध्वजा लहरायी। भारत मां का वीर पुत्र विवेकानंद...
अन्य रचनाएंसुहागन आजकल समाज संस्कार विहीन सा होता जा रहा है। मानवता जैसे खत्म सी हो गई है। ऐसे ही एक सभ्य परिवार की परिभाष...
अन्य रचनाएं🌼🌼🌷🌷🌷 आज के दिन का मां को वर्षों से इन्तज़ार था।आज वो दिन नजदीक आ गया। मेरी शादी का दिन मां ने मुझे अपने पास बुलाया और कहा ...
अन्य रचनाएंमानव जीवन में चार आश्रम होते हैं मगर वृद्धा अवस्था सबसे दुःखद हैं ये तो सबके साथ होना है आज या,कल मगर बिपुल के पिता कन्हैया लाल ...
अन्य रचनाएंमेरे घर के बाहर आम का एक पेड़ है।उस पर बहुत सारी चिङियां और दो गिलहरी 🐿️ का जोङा रहता था। वो दोनों अपने बच्चों के साथ बहुत प्या...
अन्य रचनाएं💐🌻🌼🌺 शशिकांत एक बहुत बड़ा व्यापारी था, वह गांव और शहर दोनों जगह उसका व्यवसाय अच्छा खासा चल रहा था।उसका एक नौकर था, जो उनके ...
अन्य रचनाएंपापा ओ मेरे पापा, प्यारे-प्यारे पापा। जल्दी घर तुम आए जाना। जब तुम घर आओगे, चाकलेट, टाफी ले आना। पापा ओ मेरे पापा-------- पापा ज...
अन्य रचनाएंधरा और अम्बर मौन जीवन का परिवर्तन है मौन। सत्य की गति भी मौन प्रकृति का नियम है मौन। मन और तन संतान भी मौन मौन रहेगी। जीवन का ...
अन्य रचनाएंबिटु एक गरीब परिवार से था उसके माता-पिता जैसे तैसे अपना जीवन यापन कर रहे थे। मजदूरी कर के अपना परिवार का भरण-पोषण करते थे।उनकी म...
अन्य रचनाएंमाँ तेरी मुस्कान देखने को,तरसता यह मन हर पल। तुमसे मिलने के लिए रहती हूं आज भी विकल। अकेले में रहती हूं,जब कभी,खोई-खोई सी, तेरी...
अन्य रचनाएंतेरे आने की उम्मीद जगी, उस उम्मीद से तेरे आने का अहसास हुआ । इस स्वप्नन में, मैं जीती ही रही कि शाय़द तुम आए हो जीवन में। तेरे ...
अन्य रचनाएंउस छोटी सी उम्र की ज़िद, जन्मदायिनी मां के आंचल की छांव पाने की ज़िद। तोतली आवाज में मां को "मां"पुकारने की ज़िद। नन्...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022