जीवन लेता कौन, मृत्यु संग रखता मौन। प्रश्न यक्ष सा जटिल, लिए है काल कुटिल। हैं लंबे उसके हाथ, न देखे इंसानों की जात। पकड़ के ले ...
अन्य रचनाएंमत पूछो,मैं फिर बोलूंगा और तुम सुन न पाओगे। कोई कहेगा कि ये बड़ बोला है,कोई ऐरोगेंट कहेगा कोई मेरे कहे शब्दों को देशद्रोह...
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