तेरे विरह की रात अब कटती नहीं मैं क्या करूँ । प्रिय से मिलन की आस लगे जगती रही मैं क्या करूँ। बिंदी लगा कैसे लगूँ कोई न देखे मन ...
अन्य रचनाएंवीर सपूत थे भारत माँ के, नाम चंद्रशेखर आज़ाद। चबवा दिए चने गोरों को, फैलाएं जो सदा विवाद।। सीना ताने अकड़ चाल में,कर न सके कोई ...
अन्य रचनाएंसुनाने जाएं किसे उस दर्द की दास्तां। जो मेरे अज़ीज़ ने यूँ ही दे दिया। अल्फ़ाज़ उसके यूँ असर कर गए दिल पर। जैसे किसी ने हजारों सुई चुभो दिया। प...
अन्य रचनाएंवर्षगाँठ मनाय रहा, समूह उड़ान आज। उत्सव का माहौल है, मन सबके उल्लास।। मन सबके उल्लास, खूब सज धज कर आये। निज आसन गए बैठ,मुदित मन ह...
अन्य रचनाएंलगावेलु टिकुली कमाल गोरिया रे। चमकेले टिकुली तोहार गोरिया रे। दूनों भौहँन के बीचे में बिंदी लाल-लाल। चमकेला तोहर जगमग सगरो ल...
अन्य रचनाएंशिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में जिस महापुरुष ने सभा को "मेरे अमरीकी भाइयों और बहनों " शब्दों से संबोधित किया तो वातावरण ...
अन्य रचनाएंअनपेक्षित संतान मानकर, नाम रख दिया था चिन्धी। किसी तरह से शिक्षा पाई, चतुर्थ कक्षा तक सिंधु। इच्छा क्या है एक बेटी की, कौन पूछत...
अन्य रचनाएंहर सुबह स्वर्ण सी चमक उठे , हर दोपहरी मोती बनकर। हर शाम मधुर यादों की हो, हर रात कटे चंदन शीतल। दिन श्वेत हो रजतपर्ण सा, हीरक सम...
अन्य रचनाएंसन इक्कीस जी आज, तुम्हें विदा हम करते हैं। अलविदा इक्कीस जी आज, तुम्हें विदा हम करते हैं। अब तुम न आओगे पास, तुम्हें विदा हम करत...
अन्य रचनाएंबहुत चाह है चाय की, कोई पिला दे आज। पूस कड़कती ठंड में, जाये मिल अब राज।। सुबह सुबह की ठंड में, हाथ कड़कती चाय। जो सुख मिले शरी...
अन्य रचनाएंकठिन परिश्रम रंग ले आती इसका है कोई तोड़ नहीं। प्रो.नीना गुप्ता जी ने कर दिखाया, परिश्रम व्यर्थ कभी जाता नहीं।। रामानुजम पुरस्कार...
अन्य रचनाएंबस्ते का बोझा सहे, सुंदर कोमल गात। बचपन ये मुरझा रहा, चिंतित होती मात। चिंतित होती मात, बहुत उपाय वे करतीं। लाल स्वस्थ हो जाय,...
अन्य रचनाएंजीवन करते नाम देश के, जिन्हें देख अरि थर्राते हैं। भारत माता के सैनिक वीर, देश हित निज सर्वस्व लुटाते हैं। नहीं देखते माँ की ममत...
अन्य रचनाएंथा वह मेरे सपनों का घर, मेरे चहेते अपनों का घर। वहाँ नहीं लगता था डर, होती सबसे चटर पटर। कितने सपने थे पलते, उन्मुक्त गगन सी बात...
अन्य रचनाएंबाबुल इस घर स यादों की बारात ले चली। आँखो में सजाकर सपने हज़ार ले चली। यादों इस घर की रखूँगी संजो दिल में। आएँगी याद अक्सर ...
अन्य रचनाएंप्रेम रस से भरी आँखें, मधुपूरित स्वप्निल आँखे मानों इनमें भर दिया हो, नेह का काजल कोई। अलसित से मुंदे मृग नयन, मुखरित होती बाँकी...
अन्य रचनाएंतिमिर व्याप्त सर्वत्र, उद्दिग्न अति हृदय। दिखता नहीं है पथ, पथिक है हतप्रभ। बढ़ाए कदम किधर, मन में है दुविधा। सफल या असफल, लगी है...
अन्य रचनाएंप्यार इक अहसास है,ये कोई तीन हर्फ नहीं, है ये इक जज़्बात जो लफ्जों में हो बयां नहीं। दिल में अगर प्यार है, निगाहों से बयां कर ...
अन्य रचनाएंप्रथम मिलन की स्मृति, ह्रदय प्रफुल्लित कर देती है । मन मंदिर में आज भी वह छवि हर्षित कर देती है। तव रूप निरख कर प्रथम बार, हृदय...
अन्य रचनाएंवात्सल्य का अनुपम उदाहरण है जगत में माँ। सोए हुए शिशु को अति प्रेम से चूमती है माँ। सो रहा आँचल में लिपट निरखती है वह उसे। गा रह...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022