माना लड़कों सा जिम्मेदार होना मुश्किल है पर लड़की होना आसान है क्या..?? बचपन से ही अपनी ख्वाहिशों,अपने सपनों का गला घोंटना आसान ...
अन्य रचनाएंएक नन्ही सी कली बन , धरती पर खिली जब लोग जब कहते कितना भी उड़ ले पराई है पराई तू, मैं रोती चीखती और कहती झूठी है तेरी बातें और...
अन्य रचनाएंचलो आज एक नए सफर पर जाते हैं तुम्हें दोस्ती का एक अनोखा किस्सा सुनाते हैं, जो वो है बनारस का मिठ्ठा पान तो हूं मैं भी बिहार की ...
अन्य रचनाएंखुदा की बन वो परछाई आयी धरती पर जो नारी कहलायी कभी मां की ममता तो कभी बहन का प्यार लेकर आई वो खुशियों का भंडार।। जन्म दायिनी जनन...
अन्य रचनाएंआज नहीं तो कल निकलेगा हर मुश्किल का हल निकलेगा बस कोशिश करता जा तू मत डर कर हिम्मत और चलता जा तू ।। देख खुदको और पहचान तू उगते स...
अन्य रचनाएंमेरे पिता मेरे जमीर है, पिता ही जागीर है जिसके पास ये है वह दुनिया में सबसे अमीर है कहने को तो सब ऊपर वाला देता है पर खुदा का ही...
अन्य रचनाएंबंधन प्रित की हो या धागे की हर रंग में दिखे इसके रूप नए कभी मां की ममता में झलके कभी बहनों के स्नेह में दमके कभी प्रिये के स्पर...
अन्य रचनाएंएक ठिठुरती सर्द शाम की अनोखी है ये दास्तान जिसमें कुछ अनमोल यादों की सरगोशियां शामिल हैं बेहिसाब जब लोग दुबके रहते हैं रजाइयों म...
अन्य रचनाएंबापू के अनुयायी रहे जो खेड़ा के रण से रखे कदम भर हुंकार बरदौली में बोले न दे लगान की रत्ती भर हम।। अत्याचार के शासन का दृढ होकर ज...
अन्य रचनाएंकाश कोई पन्ना पढ़ पाता मेरी भी जिंदगी का कितने जज़्बात पिघला कर दफ़न किए है मैंने कि काश कोई समेट ले आके मेरे भी जज़्बातों को क...
अन्य रचनाएंप्यार की होड़ में दौड़कर देखिए झूटे बंधन सभी तोड़कर देखिए श्याम रंग में जो मीरा ने चूनर रंगी वो ही चूनर ज़रा ओढ़कर देखिए तुम अग...
अन्य रचनाएंबरसात भी नहीं पर बादल गरज रहे हैं,सुलझी हुई हैं ज़ुल्फ़ें और हम उलझ रहे हैं!! मदमस्त एक भंवरा क्या चाहता कली से ,तुम भी समझ रहे ...
अन्य रचनाएंये बारिशों की खामोशी कुछ अधूरे कुछ पूरे, ख्वाबों के ताने-बाने सुन सको तो सुनो!! बिरह की लाखों कहानियां लिए आती ये बादल, झूलों पर बच्चों की क...
अन्य रचनाएंदेखो सावन आया है, हरियाली जो लाया है!! चटक - मटक फूलों पर भी, भंवरो ने इठलाया है!! कवियों की कविताओं ने गांव-गांव महकाया है,हर ...
अन्य रचनाएंजो मैं बन जाऊं पतझर कभी ,तो तुम मेरा सावन बन जाना मेरी जीवन की नैया के ,तुम खैवया बन जाना!! हो जीवन की कोई भी कठिनाई, हंस कर का...
अन्य रचनाएंमेरा गांव सबसे प्यारा,अटल पटर इसका गलियारा!! मंदिर नदियां पनघट सारे,सबके घरों में रंग बिरंगे फूल है प्यारे!! मेले ठेले के पकोड़े...
अन्य रचनाएंमेरी बहन मेरा हिस्सा है तू,आधा अधुरा ही सही पर मेरा किस्सा है तू!! हां भले ही खून का रिश्ता नहीं हमारा,पर हकीकत में तू ही तो है...
अन्य रचनाएंछोड़ कर बाबूल का आंगन वो आई घर में तेरे,नई उम्मीदें नए सपने लिए आंखों में नए-नए रिश्तों से बंधने!! वो खुश हैं तो आंगन में लक्ष्...
अन्य रचनाएं. मैं कश्ती हूं समंदर की ,तुम मेरे हो पतवार प्रिय!! मैं सीता सी शती ,तुम मर्यादा पुरुषोत्तम राम प्रिय!! मैं द्रौपदी की लज्जा सी ,तुम कान्हा ...
अन्य रचनाएंएक माली की भरी बगिया में एक नन्ही फूल बन आई थी, चहकती चिड़िया सी कभी इस कभी उस डाल पर इठलाई थी, हां मैं बेटी हूं अपना फर्ज निभा...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022