आसमान के तारों के मानिंद अनेक हसरतें हैं मेरे सीने में पर जो चांद बन के तू आ जाए पास मेरे खुदा की कसम मजा ही आ जाए जीने में मे...
अन्य रचनाएंकहता है अलता- महावर रहो खुश सर से पांव तलक तुम मेहंदी कहती मेरे जैसी जीवन रंगों से रोशन करो तुम अंगूठी बिछिया कहता हमसे एक बात ब...
अन्य रचनाएंआपके प्रेम घृत के कारण ही प्रियवर आज मैं रौशन हूं। आप ही तो सर्वस्व हैं मेरे मैं आपका अवलम्बन हूं।। मैं केवल एक अनछुई सी ...
अन्य रचनाएंजिंदगी..... उलझनों से भरी हुई जिंदगी....... ख्वाब से सनी हुई जिंदगी........ प्रियवर के आगोश सी जिंदग...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022