ना रखा करो उम्मीद दूसरों से टूट जाती है जब पूरी नहीं होती!! मिलता है फिर गम और यह सोच-सोच कर उदास होते हैं फिर हम!! यह जानते हैं हम कि जो ...
अन्य रचनाएंएक छोटी सी प्रस्तुति आज के दिवस पर:- कोई एक दिवस थोड़ी होता है नारी का जानते है हम अब मिल ही रहा ये दिन तो चलो इसे उत्सव सा मनाते हम। सब कहते...
अन्य रचनाएंवो आखिरी मुलाक़ात थी उसकी कह रही थी अब न मिल सकूँगी!! राज़ गहरे है इस दिल में ; जो अब यहीं दफ़न कर दूंगी!! न देखना कभी मुड़कर भी मुझे ;मिल जाऊं ...
अन्य रचनाएंलो आ गया नववर्ष लेकर नई उमंगे खुशहाली की चादर ओढ़े लेकर नई तरंगे!! भरलो मुट्ठी प्रेम की और छोड़ दो सारी रंज़े खोल दो दिल की गांठो को और बांध ...
अन्य रचनाएंगर्मी की छुट्टियों में दादी-नानी की कहानियां थी,परियों और जादूगरों का फ़साना था, बचपन का वो हर मौसम कितना सुहाना था!! बारिशों में...
अन्य रचनाएंपिता घर की छत होता है,एक विशाल बरगद का वृक्ष होता है!! परिवार की कल्पना उसके पंख होता है!! बेटी के सपनों में भी पिता के जैसा ही...
अन्य रचनाएंदीपावली पर्व है हर्ष का, उल्लास का!! रोशनी से जगमगाता तिमिर को करता प्रकाश सा!! तमस से प्रभा बनाता!! घने अंधकार को मिटाता!! दीप्तवान हो सर्...
अन्य रचनाएंचलो इस बार कुछ नया करते है!! इस बार दीवाली की सफ़ाई के साथ-2 मन की सफ़ाई भी करते है!! घर के जाले तो सबने साफ कर ही लिये होंगे चलो ...
अन्य रचनाएंना रखा करो उम्मीद दूसरों से टूट जाती है जब पूरी नहीं होती!! मिलता है फिर गम और यह सोच-सोच कर उदास होते हैं फिर हम!! यह जानते हैं हम कि जो ...
अन्य रचनाएंमत चाहो किसी को इतना कि उसे ख़ुद पर गुरुर हो जाये फिर राह तको तुम उसकी और वो तुमसे दूर हो जाये!! इंतज़ार करते -2 तुम थक जाओ उसका लेकिन उसको ...
अन्य रचनाएं!! आज फिर दूध उबल कर गैस से नीचे गिर गया!! हे प्रभू अब फिर माँ डाँटेगी कि इस लड़की का ध्यान रहता किधर है,1 लीटर दूध आता है उसमें ...
अन्य रचनाएंमुस्कान हर ग़म का मरहम होती है, रोते चेहरे का हर दर्द हर लेती है!! गिरकर जब उठो तो मुस्कुरा दो, जीतते -2 यदि कभी हारो तो मुस्कुरा...
अन्य रचनाएंबड़े अदब से कह गये थे वो अलविदा हमें कभी वापिस लौटकर न आएंगे हम!!! हम भी अब उनकी दुनिया से दूर बहुत दूर चले जायेंगे!! ढूंढ़ लो जित...
अन्य रचनाएंदिल से निकलती है दुआ अक्सर उनके लिए जो बेवजह ख़्याल रखा करते है हमारा!! पहले सोचा करते थे कि जन्मदाता के अलावा भी हो सकता है क्...
अन्य रचनाएंबालों में गजरा ,आंखों में कजरा,भर के मांग में सिंदूर!! लगा के हाथों में मेहन्दी,चली लगा के पाँव में महावर!! बिंदी,चूड़ी ,कंगना, ...
अन्य रचनाएंपूरब से आई है देखो मेरे भारत मां की लाडली !! असम के गोलाघाट मैं जन्मी दो जुड़वा बहनों लिचा और लीमा में सबसे छोटी लवलीना!! टिके...
अन्य रचनाएंदेश की माटी की रखी लाज, लेकर आ गई देश की बेटी एक और ताज!! 21 साल के इंतजार को किया खत्म, सजा दिया भारत मां के माथे पर रजत मुकुट...
अन्य रचनाएंउछलती कूदती, मदमस्त सी ,लहराती चलती थी वो ,कभी नादान, कभी शोख ,कभी चंचल चितचोर सी लगती थी वो । आ जाये जो भी पनाह में उसकी कहते न...
अन्य रचनाएंपिता घर की छत होता है, माँ की ज़िंदगी होता है,पूरे परिवार की कल्पना उसके पंख होता है!! बेटी के सपनों के राजकुमार में भी पिता के ज...
अन्य रचनाएंआज बहुत ख़ुश थी वो बड़े दिनों के बाद सम्मान जो मिल रहा था उसे अपनी लिखी रचनाओं पर। मन तो मानों आसमान पर पंख लगा कर उड़ रहा था उसका ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022