मैं तो इक दोहरा चेहरा हूँ, दो रूप लिए मैं बैठी हूँ, इक रूप दिखाया है सबको, इक रूप छुपा कर जीती हूँ, हँस कर मिलती हूँ द...
अन्य रचनाएंकह दो तुम्हें जो भी कहना है हमसे, हम फिर तुम्हारी बातें सुनने नहीं आएँगे , याद रखना हमारा ये कहना कि हम , एक दिन बड़ी खामोशी से ...
अन्य रचनाएंवो मुलाकात पहली आखिरी हो गई, प्यार वाली इन आँखों में नमी हो गई, हम तो बैठे थे थामे ही दिल को मगर, आपको भी तो हमसे दिल्लगी हो गई, वो मुलाकात...
अन्य रचनाएंमाँ अक्सर कहा करती थी मुझे बेटी नहीं चाहिए मुझे बेटियां नहीं पसंद है, सब लोग ये सुनकर उनका मज़ाक उड़ाते थे और कहते थे कितनी छोटी सोच है इन...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022