मां मुझे आने से पहले क्यो रोक दिया। दुनिया वालो का कहना क्यो मान लिया। मानकर इनका कहना तू सब कुछ भूल गई। और बेटे की चाहत में तू ...
अन्य रचनाएंहवाओ ने बिखेरी गुलाल उड़ा कर आसमान में धूल, कर धरती पर बरसात रंगों की बिछ गये है, केसू के फूल सखी सहेलियां एक सुर में बोली आ गई होली, आ गई...
अन्य रचनाएंशब्द शब्द में है सार शब्द शब्द पर मैं निसार शब्द में छिपा आशीष शब्द से बंया होता प्यार। शब्द से गीत गजल बने शब्द से जागे सारे...
अन्य रचनाएंजिंदगी चाहते हो जीना तो सीख, हर हाल में खुश रहना अपनो ने जो गम दिए हँस कर उनको पीले ...
अन्य रचनाएंसफर खत्म हुआ आखिरी पड़ाव है जीवन धारा थम सी गई ये कैसा बहाव है सांसो का दौर चलता, फिर रुक जाता रुकते रुकते कुछ कह जाता कहता-द...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022