नैनन से नैन मिले जैसे मिले कोई हमजोली, प्रेम प्रीत का खेल नही हृदय बात ही बोली। क्या कह गई अँखियाँ साथी बिन बोले कोई बात, व्याकु...
अन्य रचनाएंआंखों को देखा है मैंने उसके सैलाबों के ढेर सा समुंदर लिए घूमती है माथे पर लाल बिंदी शून्य सी हर दर्द को अपने अंदर लिए घूमती है स...
अन्य रचनाएंआंखों में लगे तो श्रृंगार हो जाता है रिसे तो बादलों का फुहार हो जाता है खुली पलकों में स्वप्न हज़ार सजाए काजल बन के पी का प्यार ह...
अन्य रचनाएंआकाशगंगा की शीतल छाया में प्रेम की अविरलता का प्रमाण होगा दीपोत्सव में संग हमारे संसार सागर माधुर्य संगम स्थल का प्रसार होगा कार...
अन्य रचनाएंतुमसे वादा है सनम जीवन भर साथ निभाने का कभी दर्द हो तुम्हें तो तुम्हारा हमदर्द बन जाने का बातों की बात नही है ना ये ज़माने भर की ...
अन्य रचनाएंदिसंबर की वो सर्द रात थी, कुछ अहसासों की बारात थी, दिल का आलम भी असहज सा, ख्यालों की बस सौगात थी। कुछ यूँ हुआ कुछ लम्हों के बाद,...
अन्य रचनाएंख़ुद को चारदीवारी में कैद कर रखा है, और कहते हैं आज़ाद हैं हम, इस जहाँ से उस जहां तक कि ख़बर है, और कहते हैं बेख़बर हैं हम, आहटों तक कोई परिंदा ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022