बनाया था कागज का ताज महल लिखा था आंखों पर मेरी गजल कुछ तो लौटाया था मैंने कभी कुछ तेरी निशानी रखी है । लिखा था म...
अन्य रचनाएंबनाया था कागज का ताज महल लिखा था आंखों पर मेरी गजल कुछ तो लौटाया था मैंने कभी कुछ तेरी निशानी रखी है । लिखा थ...
अन्य रचनाएंसुना है तुम्हारा शहर आज कल ,हर दिन थोड़ा संवरने लगा है। झिलमिल सितारों की झालर लगी है, चांद ज़मीं पर उतरने लगा है। नये बाग,उद्य...
अन्य रचनाएंपथ के पत्थर फूल बनेंगे, तू न डर पांव के छालों से काली रातों में चलना सीख, तपना सीख उजालों से जीवन समर में मंजिल तक ,बिन...
अन्य रचनाएंजीवन के किरदार है जितने हंस कर उन्हें निभाती हूं, मुझ में मेरा जरा सा होना , बहुत अखरता है । जब्त कभी कर जाती थी बहते आंसू, सिसकी को , फफक-फ...
अन्य रचनाएंउतरकर हिमालय की गोदी से ,जब धरती पर आती हूं गले लगा कर सभी बाधाओं को , स्वयं रास्ता बनाती हूं ऐसे तो रूप हैं कितने मेरे ...
अन्य रचनाएंहर शब के हिस्से सहर नहीं होता घुट जाता दम जो शजर नहीं होता पाक दिल की दुआ कबूल होती है कातिलों की दुआ में असर नहीं होता बेचकर वो ई...
अन्य रचनाएंऋषि जमदग्नि की कुटिया में बजी बधाई धन्य भाग्य नारायण की नजर उतारे रेणुका माई सुशोभित है भृगु वंश के कुलदीपक बन स्वस्ति वाचन कर...
अन्य रचनाएंपेट की आग बुझाने की खातिर हम बहुत मजबूर हैं हमारा भी आत्मसम्मान है साहब ! क्या हुआ जो हम मजदूर हैं । हमारी फटी साड़ी से झांकते य...
अन्य रचनाएंजब्त कर जाती थी वह औरत ! टूटी हुई भावनाओं से निकली आह को , आंखों से बहते आंसुओं को , न रुकने वाली सिसकियों को, और लग जाती थी ...
अन्य रचनाएंइस वर्ष दिल से होली मनाने का मन है। मन में बैठी होलिका को जलाने मन है ।। इस......... सुना है प्रेम का रंग होता है गहरा प्रीत ...
अन्य रचनाएंमेरी चूड़ी, बिंदी, सिंदूर में ही बस तुम नजर न आना । मेरे जीवन साथी हर मुश्किल में साथ निभाना । जब माहवारी की पीड़ा में मैं तड़प उठूंगी रात र...
अन्य रचनाएंजीवन पथ पर थके पथिक की , दुपहरी की ठांव हूं! शोर नहीं हूं शहर का मैं , तो सीधा-साधा गांव हूं !! सतरंगी फूलों की खुश्बू , भरकर अपनी सांसों म...
अन्य रचनाएंएक आखरी खत मैं तुम्हारे नाम लिखती हूं । दिल के अधूरे सभी अरमान लिखती हूं । लिखती हूं दो दशक की वीरान काली रातें । दिन के उजाले क...
अन्य रचनाएंइस तरह खयालों में आया न कर करवटों में रात भर जगाया न कर जिस्म उतार कर चली आऊंगी यूं आवाज देकर बुलाया न कर । अलसाइ सुबह ...
अन्य रचनाएंकुछ इम्तिहान देकर ही थक गए तुम, अभी तो जिंदगी के कई इंतिहान बाकी है । कट भी जाए तुम्हारे पंख तो गम न करना, अभी हौसलों क...
अन्य रचनाएंधैर्य,संयम रूपि हथियार से महामारी को हराएंगे। हर घर के आंगन में आशा के दीप जलाएंगे।। दो गज दूरी, मास्क जरूरी सारे नियम को...
अन्य रचनाएंआप जब भी कोई फैसला कीजिए आईने से पहले वफा कीजिए हक जमाने में कोई भी देता नहीं हक जिंदगी का अदा कीजिए आप तब तक भले हैं जब ...
अन्य रचनाएंपीकर आंसू मुस्कुराना आ गया । ऐ जिंदगी तुमसे निभाना आ गया ।। चुभने लगे थे फूल सारे जिंदगी के होंठ भी जलने लगे थे हंसी से कर लिया कांट...
अन्य रचनाएंसंबंधों के षडयंत्रों से कब कौन यहां बचा है। इतिहास गवाह है चक्रव्यूह अपनों ने सदा रचा है। भरी सभा में कुल वधू तब ही अपमानित होती है। ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022