विवेक हो,नरेन्द्र हो,स्वामी पूज्य हमारे दिनकर,भानू से तपते लगते कितने प्यारे 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 विश्व पटल पर गूँजी जबसे तेरी वो दहा...
अन्य रचनाएं"जानती हो बाऊजी को हल्वा बहुत पसन्द था "' रमेश ने अपनी पत्नी से कहा । आज हल्वा पूरी बनाकर धुप लगाना अच्छे से। सुनीता चूल्हे पर...
अन्य रचनाएंनारी हूँ, स्त्री हूँ, औरत हूँ जो चाहे कहलो मुझको हाँ मैं ही पुरुष की शोहरत हूँ त्याग है मुझमें, समर्पण की मूरत हूँ अपनों के लिए सदैव करत...
अन्य रचनाएंचाहती हूँ मैं भी तो ,नील गगन पर उडना आशाओं ओर अभिलाषा को नित्य नया गढना सपनें है ये अपने है ये चाहूँ मैं इन्हें जीना कुछ नया सृजन करने को ...
अन्य रचनाएंखौफजदा है यह जग सारा प्रकृति का ये कैसा नजारा एक तरफ महामारी का साया दूजा अब ये "ताऊते"का पारा भय की वजह केवल मौत नहीं बेबस ह...
अन्य रचनाएंथक हार कर जब भी बेचेन हो जाती हूँ हाँ मैं पंछियों को देख ,पुनः ऊर्जा से भर जाती हूँ कितना सब्र, सभ्य सा जीवन, होता है पंछी का जितना मिलता ...
अन्य रचनाएंमेरी कलम से तु अपने को खफा ना कर लिख देती है गुजरे पलों की बात तू गिला ना कर इश्क़ की आग में जलने वाले जानते हैं कब तुफां आ जाए ,तू किनारे ...
अन्य रचनाएंतलाश थी सुकुं की ,हमे ना मिल सका कश्ती का साथ भी तुफां ने कुछ इस कदर दिया जाने क्या थी बात ,कभी गौर ना किया तडप भी क्या खूब थी ,इश्क़ कुछ इ...
अन्य रचनाएंएक अरसे से तुफान लेकर चले थे हम आंधियो की क्या औकात हमें हिला दिया होता ना इश्क़ मेरा कम था ना उसका बस इन्तजार ओर इजहार मे ना लम्हा गवां दिय...
अन्य रचनाएंना बुलन्दिया बची ,ना बचे अरमान तेरे शहर में तलाश भी है अब बेजान 🌷🌷🌷🌷🌷🌷 क्यों पूछते हो दूसरो से,अंधेरे का कारण थोडी रोशनी के लिए जला...
अन्य रचनाएंक्या करे कि हम हास्य के किरदार रह गये जिन्दगी भर केवल ख्वाब देखते रह गये गिला रहा तमन्नाएं ना पूरी कर सके हम रूठे नसीब मनाने ,खुद को जार ज...
अन्य रचनाएंसाया बनकर जिसके साथ चलने को सात फेरे लेकर जिसका साथ देने को बनी थी मैं दुल्हन सजन के साथ जाने को निभाया हर लम्हा, सुखद संसार पाने को हाँ ...
अन्य रचनाएं🌷🌷🌷🌷 हाँ तुम ही हो जिसे कहते नर नहीं दिखता इंसान मगर कहीं खो जाती है इंसानियत जब भी जनमानस पर टूटता दावानल गिद्ध बनता देखा अक्सर हाँ त...
अन्य रचनाएंमित्रता बड़ी अनमोल होती हैं जज्बातो का ही खेल होती हैं 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 तुझे समझू मैं ओर मुझे सिर्फ तुम बस इक यही तो शर्त होती है 🌷🌷🌷🌷...
अन्य रचनाएंबड़े बदल गये हो तुम जबसे उलझ गयी हूँ मैं तबसे सुलझ गये हो तुम बड़े बदल गये हो तुम अक्सर कहते थे साथ निभाएंगे हम तुम घाव गर दे कोई मरहम ...
अन्य रचनाएंछत पर लेटी सितारो को देख सोच रही थी क्या वाकई टूटते तारे भी इच्छा पूरी करते हैं स्वयं का अस्तित्व लगा दांव पर कैसे दर्द को सहते है या ओरो...
अन्य रचनाएंमैं समय हूँ चर रहा निरंतर अविलंब, अनवरत नहीं रूकता कोई प्रहर ने बाधाएं कोई रोके मुझको ना चट्टान कोई अड़चन बने दिन रात ,हो चाहे धूप छाँव ...
अन्य रचनाएंजला देती है छोटी चिन्गारी भी बडी आग बनकर तोड़ देती है हर रिश्ता ये गलतफहमी हथियारा बनकर 🌵🌵🌵🌵🌵🌵🌵 ना मिले ना बिछडे अभी ,मन में फिर भी ...
अन्य रचनाएंहाँ, मैं तेरे विचार लिखती हूँ, मैं अपने विचार लिखती हूँ । सबकी दुआएं हो जिसमें वही खयालात लिखती हूँ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 वफाओं का मसला ही लिखते हैं...
अन्य रचनाएंमैं पंछी अलबेला, उडने नील गगन में निकला मेहनत को मैं ईश्वर मानु,कर्म को ही भाग्य में जानु आसमान में मै हूँ उडता,शाम सवेरे घर को आता तिनका-ति...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022