फूल किसका है पात किसका है ? रात किसकी है प्रात किसका है? जिसकी छाया में उम्र कटती है मेरे सर पर वो हाथ किसका है? होके तन्हा भी जीन...
अन्य रचनाएंसीवानों में नाच रहा है देख घटा को मोर -- तुम्हारी याद आयी दूर क्षितिज से चलती पुरुवा दिल देती झकझोर -- तुम्हारी याद आयी ...
अन्य रचनाएंखूबसूरत हंसी मैं प्यार का वो पल लिख दूं। तेरे चेहरे को किसी झील का कंवल लिख दूं। करीब आओ तेरी फूल सी हथेली पर किसी गुलाब की डंठल ...
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अन्य रचनाएंआज की एक ताजा ग़ज़ल आप सभी मित्रों को समर्पित है--- भूल पाता नहीं हूं तुझको मैं भुलाने से। तेरी चाहत थी मुझे लग रहा जमाने से। आ गई ...
अन्य रचनाएंदिल की चिड़िया मेरे ये चहक सी गई। बात दिल की ये दिल तक पहुंच सी गई। आपके उन गुलाबों को ले सो गया रात सारी हमारी महक सी गई। मेरे जज्ब...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022