तेरे दो मृग नैनो ने मुझ पर तो तिरछे वार किए ऊपर से तेरी सुंदरता कामरूप की रति बनी... तेरी सुंदर सी वाणी तो मेरी प्रेम तपस्या ले ...
अन्य रचनाएंतेरे सुंदर से नैनो में जरा काजल लगाता हूं, में लेखक श्रृंगार रस का हूं जरा तुझको सजाता हूं। जरा बैठो मेरे हमदम में तुझसे बात करत...
अन्य रचनाएंमुझे याद है तुम्हारा पहली बार मुझको देखना तुम्हारे साथ गुजारा हर-पल, हर-लम्हा मुझे आज तक अतीत की अविस्मरणीय यादों में हमेशा याद...
अन्य रचनाएंश्री राम के जन्म दिवस पर रामनवमी की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं साथ ही दो शब्द समर्पित...🙏 जय श्री राम जन्म से राम तक मृत्य...
अन्य रचनाएंपता नहीं कब किस वक्त क्या हो जाए जागने वाला कब सो जाए... कहर कोरोना का काल रूप बन गया मौत का संकेत वास्तविकता दे बन गया... कोई...
अन्य रचनाएंहे ईश्वर ऐ कोरोना कैसे कैसे मोड़ ले रहा है ,कितना घातक रूप लेकर पिछले साल की तरह बढ़ रहा है अब तो इसके लक्षण और भी तेजी से पांव ...
अन्य रचनाएंचारों वेद का ज्ञाता रावण, महापंडित का ज्ञानी था। अपने शौर्य बल के कारण, विश्वविजय तक भारी था। बहन की खातिर रावण ने, आक्रोश अपना...
अन्य रचनाएंशून्य काल में बदल रहा व्यक्तित्व हमारा थोड़ा थोड़ा सिमट रहा है अपना भी वर्चस्व हमारा थोड़ा थोड़ा दीर्घ से लघु और लघु से छोटा एक ...
अन्य रचनाएंजैसे ही प्राण निकले जीवन लाल के वह अपने शरीर से अलग हुआ। व...
अन्य रचनाएंदोस्तों वैसे मैं भूत प्रेत को आज तक नहीं मानता ना ही मेरा विज्ञान इसकी होने की पुष्टि करता है। लेकिन कहानी में कल्पनाएं करके मै...
अन्य रचनाएंनमस्कार मित्रों कैसे हैं आप आशा है कि आप सब ठीक होंगे... कुछ हास्य शब्दावली आप सबको... समर्पित पूर्णता काल्पनिक एवं स्वरचित आनंद...
अन्य रचनाएंरावण का किरदार निभाना कितना मुश्किल होता है कोई मेरे दिल से पूछे टीवी पर दूरदर्शन में...
अन्य रचनाएंमें अधूरा...रह गया और तुम तो पूरी हो गयी। मेरी मूरत... बिखर-बिखर कर तेरी सूरत बन गई। बन गया... एक तेरा दर्पण बस छवि तेरी रह गई।...
अन्य रचनाएंतुम जो रूठ कर, मेरा हौसला तोड़ती हो, तुम नहीं जानती अंदर से कितना टूट चुका हूं में... सिसक सी सिसकियां, बनावटी हंसी में छुपाता रहा ,हर दम बह...
अन्य रचनाएंरास नहीं आता है , मुझको तेरा यूं बदल जाना ! कभी कुर्सियां टूटी-फूटी फूटी धूमिल दर्पण चमकाना ! फटे- पुरान...
अन्य रचनाएंदेखो होली जल रही है, धरा से अंबर बढ़ रही हैं, देखो होली... जल रही धू-धू कर होली, राख बन अंगार सी होली, देखो होली- देखो होली जल ...
अन्य रचनाएंवेवजह जागना एक नशा ही तो है कोई होकर भी ना हो सका एक सजा ही तो है कोई नहीं समझता हाल ए दिल हमारा कलम से लिखे एक कला ही तो है गैर...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022