बात सरल है अर्थ अबूझे कैसे समझाऊँ? जितना ऊर धारूँ में तुमको खोती ही जाऊँ चैन मिला तो बस एक तमसे है बेचैनी कैसी बाली उमर में कोई सुहागन वि...