"नहीं सरोज! तुम इस तरह से ऑंसू नहीं बहा सकती। तकलीफ होगी हमारे बेटे को। याद है ना तुम्हें? हमसे बिछड़ने से पूर्व एक ही बात कहता...
अन्य रचनाएंआज बादलों का स्वभाव कुछ अलग ही संकेत दे रहे थे। काले बादलों ने चारों और घुमड़ - घुमड़ कर तूफानी हवा के साथ गर्जना शुरू कर दिया थ...
अन्य रचनाएं"अरे! चुन्नी- मुन्नी कहाॅं पर हो तुम? गला सूख रहा है, प्यास के कारण बोला भी नहीं जा रहा। क्या तुम्हें ऐसी जगह मिली जहाॅं पर...
अन्य रचनाएंरामशरण एक गरीब परिवार से था । उसके बापू एक दिहाड़ी मजदूर थे । रोज कमाने और अपना भरण-पोषण करने वाले परिवार का एकलौता बेटा रामशरण ...
अन्य रचनाएंप्रारंभिक काल से शिक्षा को एक ऐसा धरोहर माना गया है जिसे ना तो कोई चोरी ही कर सकता है और ना ही कोई लूट सकता है। किसी भी सभ्य समा...
अन्य रचनाएंसुजीत का आज बैंक जाना बहुत जरूरी है और सुजीत की पत्नी रिचा को आधी रात से ही बुखार हो गया है । सुजीत इसी कशमकश में आधी रात के बा...
अन्य रचनाएंविजय थक -हार कर ऑफिस से घर आता और जब उसके कानों में अपने दोनों बच्चों के लड़ने की आवाज सुनाई देती तब वह अंदर से टूट जाता। सोचने ...
अन्य रचनाएंपटरियों पर सरपट भागती रेलगाड़ी , सायं - सायं चलती हवा , बेतरतीब गुजरते खेत - खलिहान और खिड़की के पास बैठी मिष्ठी पुराने दिनों की...
अन्य रचनाएं"देख रही हो रति ! हमारा कृष कैसे यहां आकर सबसे घुल - मिल गया है । लगता ही नहीं है कि यह यहां नहीं रहता । हर समय दादी - दादा...
अन्य रचनाएं"आज फाल्गुन मास की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि है मांजी । इस दिन भगवान शिव के साथ - साथ शिव परिवार अर्थात माता पार्वती और उ...
अन्य रचनाएंऔरत तेरे कई रूप किस किस का बखान करूं मैं तों हूॅं अदना सा व्यक्ति किस तरह तुम्हारा गुणगान करूं ? चोट...
अन्य रचनाएं"मां ! मैंने पहले भी कहा था और अभी भी कहती हूॅं कि हर औरत के नसीब में पति का सुख हो ऐसा होता नहीं है । मेरी तो किस्मत मे...
अन्य रचनाएंनौकरी की खातिर दर - दर भटकते हुए अपने जीवन के अनमोल पलों को बच्चों के लिए कमाने और कुछ पैसे बचत करने के लिए काट दिए । होली दीपाव...
अन्य रचनाएंएक शहीद जिसने अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए लेकिन दुश्मनों को पीठ नहीं दिखाई । हम सब भली- भा...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022