इस बार की होली में मेरे पीहर वाली बात नही इस बार की होली में दिल मे वो जज्बात नही रँग चढ़े चाहे तन पर मेरे, चाहे खेलूँ पिचकारी से...
अन्य रचनाएंयूँ ही थामे रखना बस तुम मेरा हाथ कभी ना छोड़ना तुम मेरा साथ चाहे हो हजारों मुश्किलें चाहे हो गम हजार बस थामे रखना हर पल मेरा हाथ ...
अन्य रचनाएं14 फरवरी, हाँ वो प्यार का सबसे खास दिन सबसे यादगार मनाने का हम तो बस सोचते ही रह गए प्यार के इस सबसे प्यारे दिन में असली मुहोब्...
अन्य रचनाएंआज आखिरी साँसे चल रही हैं जीवन की बहुत सी बातें अभी भी करनी है तुमसे लेकिन अब बूढ़ी जुबान लड़खड़ाने लगी हैं इसीलिए आखिरी खत तेरे लि...
अन्य रचनाएंकुछ खट्टी तो कुछ मीठी सी ये यादें तेरी मेरी मुहोब्बत की हैं यादें देखो ना एक हुए हो गए कई साल फिर भी मुझको महकाए तेरे प्यार की ...
अन्य रचनाएंतेरी मेरी प्यार की कहानी अखबार की सुर्खियां बन गई जो न भूल पाए कोई भी इश्क की वो दास्ताँ बन गई हर अखबार के मुख्य समाचार में हम ...
अन्य रचनाएंहाँ,मुझे शक है अपनी बीवी पे!ऐसा नही कि प्यार नही करता उससे!लेकिन ये शक है कि जाता ही नही है मेरे दिमाग से!वो इतनी सुंदर और मैं ब...
अन्य रचनाएंसुनो ना आज एक बात करती हूँ तुमसे आज अपने इश्क का इजहार करती हूँ तुमसे जीत ही लिया आज तुमने मुझे प्यार से हार अपनी तेरे इश्क़ म...
अन्य रचनाएंन्याय होगा तब जब हम मिलकर आवाज उठाएंगे अब अपनी बेटियों को घर में नही छुपाएँगे अब वो भी लेंगी खुली हवा में साँस हैवानों से डरकर उ...
अन्य रचनाएंआज ना जाने क्यों ये बचपन बहुत याद आता है! वो शुरुवात जीवन के सफर की सोच कर मन भर जाता है! कैसे जिया हमने अपना बचपन बड़े प्यार से ...
अन्य रचनाएंसुना है उसके घर में भी एक बेटी है जो अक्सर दूसरे की बेटी को खिलौना समझकर खेलता है सुना है अपनी बेटी को गंदी नजरों से भी बचाता है...
अन्य रचनाएंअनीश पूजा को घर छोड़कर सीधे नीरज के सामने प्रकट हो जाता है और अब उसका आमना-सामना सीधे नीरज से होता है।दोनो ही क्रोध की आग में जल...
अन्य रचनाएंपूजा अनीश के बालों में से जहरीला कीड़ा निकाल देती है जिससे उसके हाथों में डंक लग जाता है।जिससे उसके हाथ मे अब असहनीय पीड़ा होने लग...
अन्य रचनाएंथे अँधेरे रास्ते वो थे हमारे वास्ते चले थे दोनो एक साथ ना थे उम्र के भी फासले एक एक पल था बहुत रूमानी जिसमें जिक्र था बस इश्क क...
अन्य रचनाएंअनीश अब नीरज यानि अपने पिता से बात करके फिर से कठोर हो जाता है और उसे रात की नींद के लिए पछतावा होने लगता है।अब वो सोचता है कि ...
अन्य रचनाएंअनीश अब अर्नव बनकर घर आ जाता है तो देखता है कि पीहू और राघव उसी का इन्तेजार कर रहे हैं।पीहू अर्नव को देख कर खुश हो जाती है और उस...
अन्य रचनाएंस्वामी केशवदास जी और बाकी सभी भी उसी दिशा में जा रहे हैं जिधर वो सभी है।कुछ ही देर में वो सभी वहाँ पहुँच जाते हैं और देखते हैं ...
अन्य रचनाएंआज एक बार फिर आप याद आ रहे हो मेरे हर पल में मुझको रुला रहे हो पिता क्या होता है ये अब जाना हमने जब आ गए उनकी उम्र में तब माना ह...
अन्य रचनाएंक्या है ये प्रदूषण क्या कोई बताएगा क्या अपने तर्कों से मुझे समझाएगा मुझे समझ नही आता ये प्रदूषण या ये स्वछता अभियान मेरे लिए तो ...
अन्य रचनाएंअब स्वामी केशवदास और बाकी सभी शाम तक उस जँगल में पहुँच जाते हैं और रात से पहले ही उन्हें हर हालत में अर्नव को खोजना है।वो सभी ज...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022