रूढ़िवादी, अंधविश्वास और दकियानूसी विचारों से ओत-प्रोत हमारे समाज के लोग,लड़कियों के चरित्र को मापने के लिये एक अद्भुत दृष्टिकोण ...
अन्य रचनाएंबैठ कर अपनी खिड़की पर, बाहर मैं जब भी देखती हूँ..... आशाओं से भरी आँखों से, सारा आसमान देखती हूँ..... सरस,मधुर आवाज़ पंक्षियों की, दिल को मेरे...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022