इतना भी आसान नहीं लोगों! जज़्बातों को पन्नों पर उकेरना। हर शब्द को लिखने से पहले, असल में उसे जीना पड़ता है। इतना भी आसान नहीं ...
अन्य रचनाएंइन आंखों को अब ,सावन की जरूरत नहीं इन्हें बरसात लाने को, तेरी यादें ही काफ़ी हैं। भरे बादल मगर बरसने की, इजाज़त नहीं इक बूंद को ...
अन्य रचनाएंहर रोज़ सोचती हूं, अब गुज़र जाएगा, उस दौर से ,जो कभी गुजरता ही नहीं हर रोज़ ,लगता है अब संवर जाएगा मगर टूटा है जो, कभी बिखरता ही...
अन्य रचनाएं🌼🌻🌻🌼 खुली आंखों से जैसे कोई सपना देखा। जब इस तस्वीर पर माला चढ़ते देखा। इक पल में ये हक़ीक़त का साथ महज़ तस्वीरों तक सिमटते ...
अन्य रचनाएंआज मेरी मम्मा ने मेरे लिए खाना भेजा । जिसमें मेरी पसंदीदा कढ़ी भी शामिल थी । हर निवाले में यूं लग रहा था, मम्मा का प्यार घुलता ज...
अन्य रचनाएंकितनी अजीब बात है न, बात एक ही होती है पर नजरिए जुदा होते हैं। कई बार कलम उठाई .... फिर रख दी मन में यही आया कि मेरी अपनी सोच मे...
अन्य रचनाएंजी भरकर संग हंस लो, ये बहुत रुलाएंगे। जब संग बीते ये पल, बस यादों में होंगे। ये साथ चाय पीना, ये साथ साथ पढ़ना। ये मिल बांट खाना...
अन्य रचनाएंअल्फ़ाज़ नहीं कोई, कुछ गीत अनकहे ही रहने दो। नाम नहीं कोई, कुछ नाम पानी से लिखे रहने दो। पहचान नहीं कोई, कुछ नाम गुमनाम ही रहने ...
अन्य रचनाएंहर रोज़ सोचती हूं, अब गुज़र जाएगा, उस दौर से ,जो कभी गुजरता ही नहीं हर रोज़ ,लगता है अब संवर जाएगा मगर टूटा है जो, कभी बिखरता ही...
अन्य रचनाएंइन आंखों को अब ,सावन की जरूरत नहीं इन्हें बरसात लाने को, तेरी यादें ही काफ़ी हैं। भरे बादल मगर बरसने की, इजाज़त नहीं इक बूंद को ...
अन्य रचनाएंपढ़कर मुस्कुराना तो ख़ैर... आसान है लोगों मगर खुद को स्याही में ढालना .. आसान नहीं या यूं कहिए.. कि ये हुनर .....ख़ैर जिन्हें भ...
अन्य रचनाएंकाश! कहने की सारी बातें ,सच हुआ करतीं और मेरी हर सांस ,कह देने से, तेरी हुआ करती कमी जब भी ,तेरी उम्र के पन्नों में हुआ करती मेर...
अन्य रचनाएंए ख़ुदा तेरी दुनिया भी क्या चीज है, हर कदम हर तरफ कुछ तो परदे में है। इक कलाकार और कितने किरदार हैं, तमाशा ए हक़ीक़त भी परदे में...
अन्य रचनाएंसूनी मन की फुलवारी में, फिर से बसंत आ जाता है ज्यों एक हवा का झोंका भी ,उस उपवन से आ जाता है। फिर कुछ जिजीविषा जगती है, फिर से क...
अन्य रचनाएंजिंदगी हम तेरे हर अंदाज में ढलते हैं। हर रोज कुछ से कुछ होकर गुजरते हैं। तेरे करम हैं,हमें आम से खास करते हैं। तेरी हर हद से, हम...
अन्य रचनाएंफ़िर आज लेखनी ठिठक गई, पूछा कविता से प्रश्न वही। क्यों करती व्यर्थ प्रयास वही, क्यों तू हर बार अपूर्ण रही।। क्यों तू स्याही से ख...
अन्य रचनाएंकुछ रिश्तों का बस इतना ही मरम होता है उनका मिलना बस ख़ुदा का करम होता है। न किसी किताब न किसी कोश में, उनका फलसफा रहता है। उनकी ...
अन्य रचनाएंमृग तू जा भटका किस वन में, तेरी कस्तूरी यहां नहीं। इस चिर निर्जन से कानन में, जहां कोई कलरव शेष नहीं। विस्तृत भूधर मालाएं हैं, न...
अन्य रचनाएंमुझे जिंदगी! अब कहना सिखा दे बिन कहे कोई समझे, ये मुमकिन नहीं मुझे जिंदगी ! थोड़ा मरना सिखा दे हर पल जी सकूं, ये तो मुमकिन नहीं ...
अन्य रचनाएंतकलीफ इस बात से नहीं, कि लोग मरते हैं, बल्कि जिंदा होकर भी, लोग कहां जीते हैं। आज जीते हैं, इक बेहतर कल के लिए कल फिर जीते हैं, ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022