************************** यह कैसी जुदाई है भर आंखों में आंसू एक मां गर्व से मुस्कुराई है लिपट के तिरंगे से उसके लाल की आज शव घर...
अन्य रचनाएंसात वचनों में बांधकर तू मुझे अपने घर लाया था मैंने भी तेरे सारे गमों और खुशियों को तहे दिल से अपनाया था तेरे मां बाबा को अपना म...
अन्य रचनाएं************************ कोई कहानी कोई किस्सा नहीं हकीकत है ये एहसासों की वो अनकहे प्यार की खूबसूरती जो होती बयां लफ्जों से नहीं...
अन्य रचनाएंसंस्कारों की नीव टूट रही है रिश्तो की डोरी छूट रही है जाने कहां खो गए वो रीत पुराने अब तो अपनों से अपने ही हैं बेगाने ना दिलों म...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022