शिव ही शक्ति ,शिव ही भक्ति, शिव सबका संसार हैं,शीश झुकाकर , चरणों में बैठो, शिव ही तारणहार हैं, शिव-शक्ति का विवाह पर्व हैं, आज बड़ा सुंदर द...
अन्य रचनाएंस्वर कोकिला की देह अब , सो गई सदा के लिए, जीवित रहेंगे स्वर परंतु, अनंत काल बिन विदा लिए, एक थी लता ,एक ही रहेंगी, कोई और न जगह भर पायेगा, ...
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