सोचे,समझें,विचार करें, चलो चले मतदान करें ll कोई मत जाए ना बेकार, मतदान हर व्यस्क का अधिकार l अब आलस की ना बात करें, चलो चले...
अन्य रचनाएंअपनी छोटी सी मगर असरदार मौजूदगी का एहसास कराती है नन्ही चिड़िया गौरैया l जो आम भाषा चिड़ा या चिड़िया आदि नामों से जानी जाती है l...
अन्य रचनाएंबचत पर कैंची चल गई हाय ! महंगाई देखो बढ़ गई आलू,प्याज के दाम अब न पूछो अपनी थाली छोटी करने की सोचो राशन की दुकानें भरी पड़ी ह...
अन्य रचनाएंदेर से ही सही,खुद को दोयम दर्जे का, प्राणी मानने से इंकार कर रही है स्त्री l खामोशी तोड़,समाज निर्मित, बेतुके मूल्यों के प्रति व...
अन्य रचनाएंएक अरसा बीत गया अपने गाँव की, गलियों से पहचान किए छूट गई सभी पगडंडियाँ पीछे कहीं,मेरे बचपन के निशान लिए नक्शा जन्मभूमि का आज भी...
अन्य रचनाएंअपनी मिट्टी की खातिर अपना जिन्होंने सर्वस्व लुटा दिया अमर शहीद होकर भी उन्होंने नायकत्व निभाना सिखा दिया आज़ादी के सपने को दे ...
अन्य रचनाएंनीरजा को आज फिर अपने पुराने दिनों की याद आ गई l उसने घर से बाहर जाने के लिए चौखट की ओर कदम बढ़ाया ही था कि पीछे से उसकी सास ने आ...
अन्य रचनाएंमिट्टी से जिसका जीवन भर का नाता है वहीं ही माता का लाल सच्चा अन्नदाता कहलाता है आलस ना देह में, जो परिश्रम से ना घबराता है मा...
अन्य रचनाएंछोटी-सी ज़िन्दगी में जीता है, हर कोई हालातों से लड़कर करता है जी तोड़ कोशिशें, बनाता है ज़िन्दगी को बेहतर उसके मेहनत के पसीने से ह...
अन्य रचनाएंवह दौर था जब लिखना-लिखाना पढ़ना-पढ़ाना बहुत खास होता था डाकिया आया शब्द कानों में पड़ते ही बदला हर घर का माहौल होता था ख़ाकी वर्द...
अन्य रचनाएंछोड़ दे उन राहों को जो तुझे भरमाती है तू मेहनत कर फिर देख सफलता कैसे पीछे आती है l बढ़ चल शनै : शनै : तू अपनी श्रम की राहों पर ...
अन्य रचनाएंसपनों के घर में मेरे,ना कोई कमी हो बस प्यार ही प्यार हो,कभी आँखों में ना नमी हो हो चाहे कैसा भी दिन, हर कोई संग हो अपना एक आसमाँ,अपनी एक ऐसी...
अन्य रचनाएंदुनिया के मेले में आज सकून हर इंसान का कुछ खोया-सा दर-ब-दर भटक रही ज़िन्दगी उलझनों में घिरा बैठा खामोश-सा ज़िन्दगी की हकीकत में खो जाती है जा...
अन्य रचनाएंमुस्कुराकर जिन्होंने हमें दी हमारी पहचान स्त्री हूँ मैं कहकर पाया उन्होंने जग में सम्मान साहस बनकर जिन्होंने नापा पूरा आसमान स्त्री हूँ मैं ...
अन्य रचनाएंइस नश्वर देह के साथ, माँ करना हमारी आत्मा का श्रृंगार मानव की नित परिवर्तित होती सोच का, माँ करना उद्धार आदर, प्रेम,सद्भाव, सच्च...
अन्य रचनाएंआज भी आँखों से तिरी ज़ुल्फ़ का साया नहीं जाता गुज़रा जो ज़माना मोहब्बत का लौटाया नहीं जाता तेरी यादों को सीने से लगाए बैठे हैं शा...
अन्य रचनाएंरोहन, बड़ा ही समझदार लड़का था l बचपन में अपने माता-पिता को खोने के बाद वह खुद को बहुत अकेला महसूस करने लगा l उसका लालन-पालन उसकी...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022