बचपन तेरी कहानी का नहीं है कोई मोल यादो का तू कोना है दिल का बस सलोना है तेरी हमदर्दी का मैं कायल सत्य यही बस होना है तुझ तक अब जाऊं कैसे तु...
अन्य रचनाएंअपर्णा है जिसका नाम पाया जिसने तेज़ दिमाग Love की गुरु बहुत है ज्ञान दोस्तों ने भी दिया है सम्मान गाती एक कोयलिया ऐसे तार गिटार बजें सुर वै...
अन्य रचनाएंये वक्त बस रफ्तार से चलता रहा ये जिंदगी यूं ही गुजरती गई कितने ही दोस्त बनते रहे कितनी ही दोस्ती पीछे छूटती गई कुछ जिगरी अंजान होते गए कुछ अ...
अन्य रचनाएंमहलों के सपने में देखते कहां पैरों में चप्पल ये पहनते कहां दो वक्त की रोटीयां उन्हें मिलती कहां दौलत के बारे में वे सोचते कहां उनके भी कुछ ...
अन्य रचनाएंतुम जब सामने आते हों, मैं पागल सी हो जाती हूं कहना सुनना सब भुल के तेरी आंखों में खो जाती हूं तुम जब सामने आते हों धीरे धीरे फिर...
अन्य रचनाएंनहीं आया मुझे बातें बताना दुबारा प्यार में रातें गंवाना ना जाने क्या हुआ कैसे हुआ ये कहां छुटा मेरा साथी पूराना खतो में आज भी जि...
अन्य रचनाएंनहीं करनी मुझे शादी ना होना मुझे पराई है कैसे मैं तुझसे दूर रहूंगी मां जब सोच आंख मेरी भर आई है सुनकर बेटी की बात मां धीरे से म...
अन्य रचनाएंइश्क का बाजार लुटा है आज फिर कोई सरेआम बिका है खामोश रहकर बस देखती है दुनिया आज फिर मजबूरी में रुह को बेच किसी का घर-बार चला है ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022