❤️❤️❤️❤️❤️ कल की बात है,जब एक कली गोद में खिली थी,जो आज फूल सी हो गई, नाज़ुक नाज़ुक थी जो कल तक,आज मजबूत...
अन्य रचनाएंना जाने ये बच्चे कब और क्यूँ इतने बड़े हो जाते हैं, छोड़ माता पिता का हाथ,खुद में ही सिमट जाते हैं आने की तारीख मालूम होती नही पर लौट क...
अन्य रचनाएंमेरे सिरहाने के तले ,जो रखे थे तेरे दिए कुछ ख्वाब, वो आज लापता हैं मेरे घर की खिड़की भी कुछ खुली सी है। सुनो! क्या कल रात तुम मेरी ...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022