देखा नहीं उनको तो कभी,जिनको लोग याद करते हैं। देखेंगे हम तो आपको , कि अब आप क्या करते हैं।। देखा नहीं उनको तो कभी----------------।। कहती जिन...
अन्य रचनाएंदेखकर आज इंसान की हरकतों को, उसके लफ्ज़ और उसके कारनामों को, सोचता हूँ तेरे बारे में , हे वतन, क्या होगा तेरे कल का ? पुकारता हूँ उस मालिक को...
अन्य रचनाएंमुझको मालूम नहीं था बिल्कुल भी, मोहब्बत किस चिड़िया का नाम है, और किस तरह जुड़ते हैं, दो अजनबी दिल आपस में, अंजान और नादान था मैं। हुई जब उससे...
अन्य रचनाएंपूछता हूँ हर बार यही सवाल, जब भी जाता हूँ उसकी दर पर मैं, क्या नहीं मिला तुमको मेरा प्यार, जब भी वो मिलता है मुझको, किसी भी राह या मंदिर में...
अन्य रचनाएंदरख़्त से लिपटी हुई वह लता, जो पुलकित कर देती है मन को, अविराम हवा की भांति, गतिशील रखती है मेरे विचारों को, चाहे वह है स्वप्न मेरे लिए, अविस...
अन्य रचनाएंतो वो यह सोचते हैं कि, यह जो कुछ हुआ, उनकी बदौलत हुआ, कर्म मैंने किया और, नाम उनकी बदौलत हुआ। दुनिया को बता रहे हैं वो, अपने अहसानों को, सबक...
अन्य रचनाएंबुझे नहीं वह चिराग, किसी आते तूफां में। महकता रहे वह चमन, हर वक़्त हर बयार में । झिलमिलाता रहे वह सितारा, सितारों के संग चांदनी में। ना कोई भ...
अन्य रचनाएंहे कली, क्यों इस तरहां मुस्करा रही हो, क्यों हो रही हो इतनी बेचैन, अपनी इस जवानी पर , और क्यों हंस रही हो मेरी सूरत पर। क्या तुझको मालूम नही...
अन्य रचनाएंऐसा क्या लिखा है आपने, इस बन्द लिफाफे में, हमें जो सौंप रहे हो आज तुम, अब तक क्यों रहे खामोश तुम, जब देना ही था यह बन्द लिफाफा। क्या आपने क...
अन्य रचनाएंयह प्यार , जिसकी चाहत है हर किसी को, गरीब, अमीर, वजीर, मालिक आदि को। चाहे वह रहता हो जमीं या आसमां पर, या रहता हो समुद्र में या उड़ता हो आसम...
अन्य रचनाएंइसलिए धरती को ,धरती माता कहते हैं। क्योंकि इसके आँचल में ,हम जो पलते है।। इसलिए धरती को------------------।। लेता है हर प्राणी जन्म, इसके गर्...
अन्य रचनाएंजब भी होता है वह अकेला, या फिर किसी महफ़िल में, लबों पर नाम सिर्फ उसी का होता है, गीत बस उसी का होता है, दर्द सिर्फ उसी का होता है, जिससे वह...
अन्य रचनाएंजी, ऐसा मैं सोचता भी नहीं हूँ, जो मैं सोचता हूँ वो कुछ और है, जो अपेक्षायें है तुमसे, जो विशेषतायें है तुझमें, देखता हूँ मैं इनको, सोने की ...
अन्य रचनाएंअपनी इस कलम से, लिखता हूँ जो खत,, उठ जाता हूँ नींद में ही, याद उसकी आते ही,, सोचता हूँ यह एक ख्वाब है सिर्फ, नहीं ,यह हकीकत है सच, और मैं लड़...
अन्य रचनाएंइस विश्व विरासत की रक्षा करना। हमारा धर्म है, हमारा कर्म है।। यह नष्ट नहीं हो, विश्व विरासत। सच इसको बचाना, हमारा फर्ज है।। इस विश्व विरासत ...
अन्य रचनाएंआप जहाँ भी रहे, आप आबाद रहे। यह दिन ,यह पल , सदा याद रहे।। हर कदम पर मिले तुमको रोशन चिराग। यह खुशी ,यह बहारें , सदा साथ रहे।। आप जहाँ भी रह...
अन्य रचनाएंजय जय हनुमान, जय जय हनुमान। राम के सच्चे भक्त तुम, भक्तों की शान।। जय जय हनुमान-------------------।। अंजन पुत्र तुम हो, आज्ञाकारी। संकटमोचक ...
अन्य रचनाएंआप है बहिर्मुखी और हम है अंतर्मुखी, क्योंकि आप महशूर है और हम गुमनाम। आप हर एक में हो और हम सिर्फ खुद में ही, क्योंकि आप खुदा है और हम सबसे ...
अन्य रचनाएंजय जय जय बाबा भीमराव अंबेडकर। आप हो सच में , सबके जीवन के ईश्वर।। दिया है आपने, सबको सच में नवजीवन। भारत का विश्वप्रसिद्ध संविधान लिखकर।। जय...
अन्य रचनाएंजय जय जय ,जय महावीर स्वामी। शान्ति के दूत, अहिंसा के स्वामी।। जय जय जय---------------------।। इंसान को,मानवता का पाठ पढ़ाया। हर प्राणी के लिए...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022