बंद खिड़की के पीछे भी... ख़्वाब हुआ करते हैं, कुछ अनकहे सवालों के ... जवाब हुआ करते हैं, करूण रुदन, तो कहीं.... हंसी-ठिठोली के नाद हुआ करते ...
अन्य रचनाएंबेटी की विदाई के वक्त बाप ही सबसे आख़िर में रोता है , क्यों चलिए आज आप विस्तारित से समझिए। बाक़ी सब भावुकता में रोते है, पर बाप ...
अन्य रचनाएंमानव के जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं मे प्राथमिक स्तर पर रोटी, कपड़ा, और मकान की अति- आवश्यकता होती है। रोटी कपड़ा और मकान व्यक्ति जीवन में कैस...
अन्य रचनाएंजब राजा दशरथ जी ने राम जी को रात तिलक करने के लिए राज सभा बुलाया तब माता कैकयी ने राजा दशरथ से आपने बचन में अपने पुत्र भरथ को रा...
अन्य रचनाएंकल तक जो अपने थे अब बदल रहे हैं उन्हें और नए लोगों के साथ परख रहा हूं मैं,,, आज कल एक वीरान हवेली के जैसा खाली सा होगया हु मैं उन्हें लगता ...
अन्य रचनाएंसूर्य का मकर राशि में प्रवेश मकर संक्रान्ति रुप में जाना जाता है। 15 जनवरी 2022,शनीवार के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ...
अन्य रचनाएं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, “जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं | वह हृदय नहीं है, पत्थ...
अन्य रचनाएं🌹🌹,,,,,,,,,,,,,,, आइये जानते है स्वमी विवेकानंद जी कैसे आपने मन को बस में किये थे,,,,,,, एक बार स्वामी विवेकानंद कहीं जा रहे थ...
अन्य रचनाएं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कहते हैं कि “लोकतंत्रीय शासन व्यवस्था अंतर्गत मतदाता देश का भाग्य विधाता होता है।” मतदाता के म...
अन्य रचनाएंअपनी भावनाओ के धागों में,सब्दो के फूलो को पिरो कर एक लिखक जब कहानी रूपी हार बनाता है तो वह क्या चाहता है??बस यही तो,,,,की जब कोई पढ़ने वाला उ...
अन्य रचनाएं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, एक बूंद बूंद के लिए कभी है तरसता, वह कोई ओर नहीं किसान है अपना दुनिया का को जो पेट भ...
अन्य रचनाएं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, जिन्दगी उतार-चढ़ाव से भरी हुयी है। किसी के लिए रंग-बिरंगी है और किसी के लिए बेरंग। ये तो बस नजरिये की ब...
अन्य रचनाएं🌻,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कोहरे की रात मे डर से कांपती हुए वो एक अजनबी सी लड़की मुझे एक मोड़ मिली आँखों मे डर की आँसू छलके ...
अन्य रचनाएं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, रात दिन हर पल तेरे यादों मे खोया रहता हूँ तुम्हे क्या पता दिलरुबा मेरी कितना तुम पे मरता हू...
अन्य रचनाएंआज जिनके जीवन पर मैं रौशनी डालने की कोशिश कर रहा हूं वो सावित्री बाई फूले हैं। जो लड़कियां आज़ादी की बात करती हैं, जो युवा, युवती ...
अन्य रचनाएं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 इंसान और छाते में एक बड़ी समानता है। अगर बरसात न होती, तो न ...
अन्य रचनाएं🌹जिम्मदारी कौन है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, किसी भी देश का अपना इतिहास होता है, परम्परा होती ...
अन्य रचनाएंसबसे स्वतंत्र भारत देश है हमारा हर हिंदुत्व की शान और ईमान है हमारा कोई कितना भी करें सितम इनपे फिर भी खुलकर लहराता है तिरंगा हम...
अन्य रचनाएंशादी का लड्डू सिर्फ एक मिठाई नहीं है इतनी आसन इसकी कहानी नहीं है बहुत राज़ छुपा है इसके मोतियों मे इसे समझना भी कोई इतना आसान नही...
अन्य रचनाएंहम सुबह उठते हैं एक ही चीज़ के बारे में सोचते हैं वो हैं समाचार पत्र। यह हमारे जीवन की दैनिक आवश्यकता हैं, जिसे हम हर सुबह पढ़ते हैं। समाचार...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022