हम स्वाभिमान हैं भारत के, भारत की अमर कहानी हैं। हम भारत माँ के लाल सदा, होते उसपर बलिदानी हैं। हैं सिंह गर्जना करते हम, रण में अक्स...
अन्य रचनाएंजग को जो समझा समझा कर, ख़ुद माटी हो जाता है, पपीहे की सी प्यास लिए वो, कबिरा खुद मिट जाता है, जाति पाति से धर्म बड़ा है, मानव अब तो बन जाओ, जो...
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