एक नारी बेचारी, पतियों ने जुए में हारी, खींच दिया वस्त्र किसी ने, खींचे दिए केश, सौभाग्यवती उस नारी का, यह था अमंगल वेश, उसे शर्...
अन्य रचनाएंअंत ही आरम्भ है की राह चल। है समय तू अभी ही जा सम्भल। बून्द बून्द को तरस जब जाएगा। रे मानव तू तब संभल न पायेगा। निहित कर तू स्वय...
अन्य रचनाएंवो तोड़ती पत्थर, श्रम बिंदु पौछ मस्तक, अनुभव करती गर्वित, न किया गलत अब तक, वो तोड़ती पत्थर। मई जून की ग्रीष्मता, न बदल सकी उसका र...
अन्य रचनाएंजीवन है अग्निपथ,हांक तू श्वास रथ। न हो विकल,चल तू अविचल। जीवन है अग्निपथ। हो मन व्यथित,तू धैर्य रख। तम से तू ,बिल्कुल न डर। जीवन...
अन्य रचनाएंविलग हुए पत्तों से पूछा मैंने, दर्द तो हुआ होगा, हवा के झोंके के साथ उड़ते बोले, हां मगर कम, मैं हैरान थी ये क्या जवाब, तभी उत्तर...
अन्य रचनाएंआम आदमी बेचारा मरता क्या न करता। बड़े बड़े जो ख़्वाब थे देखे कैसे पूरा करता। महंगाई की मार ने देखो कमर तोड़ दी पूरी। दाम बड़े ज्यों च...
अन्य रचनाएंहमारे देश में विभिन्न जातियों विभिन्न वर्गों के लोग रहते हैं। ऐसे में कुछ संयुक्त परिवार में और कुछ एकल परिवारों में रहते है। ...
अन्य रचनाएंयुद्ध पर विराम हो , अब युद्ध पर विराम हो, युद्ध से हुआ नहीं भला किसी का, युद्ध से विनाश है प्रकृति का, शांति की अब बात हो, अब यु...
अन्य रचनाएंआजादी के रंग अनेक, केसरिया और हरा सफेद। मिलके मनाय ये त्योहार, कोई भी न रह जाये यार, मन मे हो न कोई भी खेद। केसरिया,,,,, आज अनोख...
अन्य रचनाएंआज हो गया पतिदेव से सुबह से घमासान। बोले क्या करती हो दिनभर बस खाने का काम। सुनकर ऐसी बातों को गुस्सा में तमतमाई। लेकर खाट पाट स...
अन्य रचनाएंयुवा देश का मान है, युवा देश की शान है। संघर्षों से लड़ने की हिम्मत, युवा देश की जान है। युवा शक्ति पहिचान है, युवा वीर सम्मान है...
अन्य रचनाएंआये है दिनकर, सुबह की सौगात लेके। चल रही ठंडी पवन, पंक्षियो की बात लेके। अश्व सातों खूबसूरत, प्रभा भी य...
अन्य रचनाएंएक कप चाय,दिन बन जाये। पी के कहे दिल,मजा आ गया हाय। सुबह सुबह पाए ,आलस को भगाय। जाड़े के दिन हो ,तो सर्दी पास न आये। हो रेस्तरां ...
अन्य रचनाएंविज्ञान के दुरुपयोग से विनाश ला दिया, विकास करते करते अभिशाप ला दिया, ----------------------- चारो तरफ है वाहनों का हल्ला शोर, च...
अन्य रचनाएं----------- जीवन की शतरंज लगी है, प्यादा समझे खुद को राजा। भरा हुआ कितना अहम है, पूरा समझे है पर आधा। नहीं उसे अहसास के वो क्या...
अन्य रचनाएं--------- खुशबुएँ तितलियां और दीपक मेरे मन को लुभाते बहुत है। क्या कहूँ तुमसे ओ दिलबर मेरे मन को ये भाते बहुत है। देखती हूँ मैं...
अन्य रचनाएंहो तिमिर घनघोर या,शूलों भरा पथ हो कही बढ़ते रहना तुम न रुकना ,पांव डगमग हो कभी इस तरह ही तुम सदा आगे को बढ़ते जाओगे सत्य कहती हूँ ...
अन्य रचनाएंजब सर्द रातों में हम घर पे पड़े होते है, तब देखो वीर सैनिक सरहद पे खड़े होते है। जब देश पे संकट आता है , मन जब अपना घबराता है, तब ...
अन्य रचनाएंहर पल रखता था जो हर खबर दिल की, बार बार टकराती जिससे नजर मगर नहीं मिलती, जाने क्या सोच थी समझ न आई उसकी, मगर मुस्कान बड़ी कातिल ल...
अन्य रचनाएंहै तेरे इश्क़ में पागल मेरी नजरें,, बस तुझे ही ढूंढती रह जाती है। जाने क्या कहना चाहती है?,,लेकिन कुछ नही कह पाती है। ----------------------...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022