ये बारिश की बूँदें, बरखा का पानी,जाको कोउ नहीं है सानी। मोरा मन चितवत चहुँओर, कहाँ गयो चितचोर। बरसा बरस रही चहुँओर। घन गरजत हरषत मोर...
अन्य रचनाएंये बारिश की बूँदें, बरखा का पानी,जाको कोउ नहीं है सानी। मोरा मन चितवत चहुँओर, कहाँ गयो चितचोर। बरसा बरस रही चहुँओर। घन गरजत हरषत...
अन्य रचनाएंरिश्तों की रेशमी डोर इक ऐसा रोचक फलसफा है, जिसको सम्हाले रखना हर वक्त इक नया तजुर्बा है। 1•रिश्तों की डोर बहुत नाज़ुक होती है, ज़रा-सी असावधान...
अन्य रचनाएंरिश्तों की रेशमी डोर इक ऐसा रोचक फलसफा है, जिसको सम्हाले रखना हर वक्त इक नया तजुर्बा है। 1•रिश्तों की डोर बहुत नाज़ुक होती है, ज़रा-सी असावधान...
अन्य रचनाएंअग्निपथ पर चलकर आओ, अग्निवीर बन जाओ। कर्म को पूजा मानने वाले, सब कर्मवीर बन जाओ। राष्ट्रप्रेम की भावना भरी हो कूट-कूट कर तुममें, ...
अन्य रचनाएंधरती कहे पुकार के आसमाँ को छू लो। खड़े हो जिस धरा पर उसकी छत्रछाया आसमाँ है। बड़ों का मान रखना, छोटों का ख्याल रखना, संग चलने वालों का साथ स...
अन्य रचनाएंधरती कहे पुकार के आसमाँ को छू लो। खड़े हो जिस धरा पर उसकी छत्रछाया आसमाँ है। बड़ों का मान रखना, छोटों का ख्याल रखना, संग चलने वालों का साथ स...
अन्य रचनाएंजीवन में प्रत्येक व्यक्ति सफल होना चाहता है, लेकिन सफलता का मार्ग आसान नहीं है तो असंभव भी नहीं है। देखने में आता है कि कठिन परिश्रम के पश्...
अन्य रचनाएंसमाज में रहने वालों की पर्यावरण के प्रति सभी की साझा जिम्मेदारी होती है। जब हम लाभ लेने में कभी पीछे नहीं रहना चाहते तो फिर उसी के प्रति अपन...
अन्य रचनाएं'विचार' कहते ही नहीं अपितु अकाट्य सत्य हैे कि गया वक्त वापस नहीं मिलता किंतु प्रत्येक मंजिल के लिए एक नया अवसर अवश्य मिलता ह...
अन्य रचनाएं" नित्य ही देर रात सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां और पुलिस की चौकसी तभी तो हम घरों में चैन से सोते हैं। देर रात हर परिस्थिति और मौसम में अप...
अन्य रचनाएंचिरकाल से चिकित्सा के क्षेत्र में अनन्य मार्ग देखने में आते रहे हैं जैसे कि-: ऐलोपैथी,आयुर्वेद यूनानी पद्धति, होम्योपैथिक पद्धत...
अन्य रचनाएंआज रश्मिरथी पर दैनिक लेखन- विषय "असंभव" दिया गया है पर मेरा मंतव्य है कि इस संसार में कुछ भी असंभव नहीं है।यहाँ मैं उसी को अपने तर...
अन्य रचनाएंजहाँ हमने आँखे खोलीं, हँसना- रोना, खेलना-कूदना, पढ़ना-लिखना और जीवन जीने का सलीका सीखा वह घर-परिवार, पास-पड़ोस शहर बाजार सब अपना ही तो होता ...
अन्य रचनाएंनिःस्वार्थ सेवा करने का तात्पर्य है प्रभु की मेवा इकट्ठी करना वही तो आजीवन पोषण देती है।कभी किसी दूसरे के सामने हाँथ फैलाने की आवश्यकता नहीं...
अन्य रचनाएंआज सन 2022 की 16 मई है और आज ही इस वर्ष का बैसाख मास अपने अंतिम पड़ाव पर आ गया है।जिसे पूर्णिमा कहते हैं। इसी पूर्णिमा को बुद्ध ...
अन्य रचनाएं• जो आज बीत गया,वही तो होगा बीता कल, आज का आधार भी तो है बीता हुआ कल। •इस प्रकार हो गए अन्योन्याश्रित सारे दिन , चाहे हों वे आज या कल। •ए...
अन्य रचनाएं'रक्तदान' से बढ़कर संसार में कोई भी दान नहीं है।ऐसा ही है एक और महान दान 'अंगदान'। जिसने भी यह महान दान किए समझि...
अन्य रचनाएंसाथियों! हार को हार मत मानिए और दुःखी होकर मन छोटा न करिए, क्योंकि प्रत्येक हार में भी शिक्षा रूपी जीत का रसाप्लावन है।आइए देखते हैं कै...
अन्य रचनाएंएक बेटी जबसे होश सम्हालती है उसे अपने मायके यानि कि माँ- पिता के घर से अद्भुत लगाव होता है। उसके छूट जाने की कल्पना भी व्यथित कर देती है। पर...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022