इंतजार पर इंतजार करते रहे। रोजगार को हर पल तरसते रहे। मांगा जो हक मेहनत पसीने का। डंडे पर डंडे हम पर बरसती रहे। डिग्री पे डिग्री जुटाते रहे।...
अन्य रचनाएंजब से आए हो साथ मेरे यूं ही बेवजह मुस्कुराने लगा हूं आदत नहीं है यूं कही झूमने की पर न जाने क्यूं झूम- झूम गाने लगा हूं कितना शांत रहता था ...
अन्य रचनाएंशादी के दिन । ढोलो की थाप। वो रंगीन झिलमिलता। सा वो आँगन। वो चंद कदमों । की दूरिया। वो चंद फासले । अमिट से रिश्ते। सब बेपरवाह हो गये। जब उस...
अन्य रचनाएंक्लास में एगो नया क्लास भेटाईल केहू कहे मध्यम, केहू मिडिल कहाईल। आवा ओकर आज हम हालत बतावत हई ओकर साथे हमहुँ आपन दुखड़ा सुनावत हई। होखते पैदा ...
अन्य रचनाएंआँखे खुली तो न अल्लाह दिखा न दिखा राम केवल और केवल दिखा एक चेहरा जिसके दिलों में हमारी रहती प्राण वो चेहरा जिसे हम माँ कहते वो माँ जिसकी...
अन्य रचनाएंये वही दिल्ली है । जिसकी कीर्ति विश्व में गायी जाती है । ये वही दिल्ली है । जहाँ अमर ज्योति कहानी पढाई जाती है । ये वही दिल्ली है। जहाँ सिया...
अन्य रचनाएंसदियों से क्या कुछ सहा नहीं, थे, कष्ट अपार फिर भी तुससे कुछ कहा नहीं तेरे हर जुल्म को प्रतिपल मैने सहन किया फिर भी अपने समग्र प्रेम को ...
अन्य रचनाएंकोरोना से ज्यादा इंसानों से डरते हैं हम... भुख में देख लोगों को हर पल हर रोज मरते हैं हम... वक़्त की इस कयामत को तो देखो ... हवा से बात करने...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022