आज अगर रावण मौजूद होता देख आज की बुराई वो भी रोता वो कहता आज के बुरे लोगों से तो मैं अच्छा था इतनी बुराई तो मैंने भी ना रचाई इतने बुरे क...
अन्य रचनाएंएक पिता अपने पुत्री को विवाह के समय क्या समझाते हैं मैं अपनी कविता के जरिए यहां प्रस्तुत कर रहीं हूॅं। बेटी तू मेरा लाज रखना ज...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022