................... वो खिलाड़ी है,खेलते रहते है, मैं दर्शक हूँ,देखता रहता हूँ, अटूट संबंध है दोनो का, एक दूजे के बिना,दोनो अधूरे है, वो हर दा...
अन्य रचनाएंधुंआ हर तरफ है, लेकिन आग कही -कही, जिधर देखो उधर जलन, मगर बाते बेमतलब की। ......................... लोग बोलने को खाली है, लोग सुनने को खाली ...
अन्य रचनाएंआईना पूछता है, कि हे इंसान, किस मिट्टी का बना है तू? केवल वही आईना बनाया, जिसमे केवल चेहरा दिख सके, वह आईना क्यो नही बनाया? जिसमे मन का मैल ...
अन्य रचनाएंसब कुछ खुला सा है, मगर उन्हें राज नजर आता है, मेरी हर खामोशी में, उन्हें अलग अंदाज नजर आता है। हम चाह कर भी, दूर ही रहे उनसे, इन दूरियों में...
अन्य रचनाएंचाय हो जाय एक साथ, दो गज की दूरी पर बैठकर, समझा जाए कि, गुनगुना पानी पीकर शरीर मे ठंडक है या नही? समझा जाए कि, ...
अन्य रचनाएं............. सब कुछ थम सा गया है, बहुतो का, घर से निकलना, कुछ का, अपने घर जाना, वक्त ठहर से गया है। सब कुछ.......... 'कोरोना' का कह...
अन्य रचनाएंरश्मिरथी सभी अधिकार सुरक्षित 2018-2022